चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन से मरीजों के उपचार में होगा लाभः डॉ. अजय सिंह

कलयुग दर्शन (24×7)
अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई), सहारनपुर शाखा के तत्वावधान में तीसरी रूमेटोलॉजी कॉन्फ्रेंस का आयोजन देहरादून रोड स्थित सिटी कन्वेंशन सेंटर में किया गया। कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ मेयर डॉ. अजय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सुधीर राठी, एपीआई अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद तथा कार्यक्रम सचिव डॉ. सौम्या जैन ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मेयर डॉ. अजय सिंह ने कहा कि इस प्रकार के चिकित्सा सम्मेलनों के आयोजन से चिकित्सकों के ज्ञान में वृद्धि होती है, जिसका सीधा लाभ मरीजों के उपचार में मिलता है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने कॉन्फ्रेंस के आयोजन के लिए सभी आयोजकों को बधाई दी। एपीआई अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद ने कहा कि रूमेटोलॉजी कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सहारनपुर के चिकित्सकों को गठिया एवं उससे संबंधित विभिन्न रोगों के आधुनिक उपचार की जानकारी मिलेगी, जो मरीजों के बेहतर इलाज में सहायक होगी।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. सौम्या जैन ने सभी अतिथियों एवं चिकित्सकों का स्वागत किया। कॉन्फ्रेंस में विभिन्न शहरों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने रूमेटोलॉजी से संबंधित गंभीर एवं जटिल रोगों पर विस्तार से जानकारी साझा की। एसजीपीजीआई, लखनऊ से आए डॉ. विकास अग्रवाल ने स्क्लेरोडर्मा बीमारी के बारे में जानकारी देते हुए इसके लक्षण एवं उपचार के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वडोदरा से आए डॉ. हिमांशु पाठक ने रूमेटाइड आर्थराइटिस के आधुनिक उपचार के बारे में चिकित्सकों को जानकारी दी। ग्राफिक एरा हॉस्पिटल, देहरादून से आए डॉ. सुनील मिश्रा ने ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों का उपचार जल्द शुरू किए जाने पर जोर दिया। डॉ. संदीप ग्रोवर ने एसएलई (सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस) बीमारी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। गंगाराम हॉस्पिटल, नई दिल्ली से आईं डॉ. सुजाता साहनी ने बच्चों में होने वाले गठिया संबंधी रोगों एवं उनके उपचार के बारे में जानकारी साझा की। डॉ. ललित दुग्गल ने कहा कि गठिया से पीड़ित मरीजों की आंखों की नियमित एवं सही तरीके से जांच किया जाना बेहद जरूरी है। बिलासपुर से आए डॉ. अमित दुआ ने भी रूमेटोलॉजी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां चिकित्सकों के साथ साझा कीं।

कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक सचिव डॉ. नीरज जैन, डॉ. नीतू जैन तथा डॉ. साक्षी मलिक ने संयुक्त रूप से किया। कॉन्फ्रेंस में डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. ए.के. जैन, डॉ. संजीव मित्तल, डॉ. मोहन पाण्डेय, डॉ. श्वेता अग्रवाल, डॉ. नीरज आर्य, डॉ. महेश ग्रोवर, डॉ. पंकज खन्ना, डॉ. आर.एस. पंवार, डॉ. विवेक बैनर्जी, डॉ. डी.के. गुप्ता, डॉ. अवनीश सिंघल, डॉ. रविकांत, डॉ. संजीव अग्रवाल, डॉ. पूनम मखीजा, डॉ. इन्दिरा सिंह, डॉ. जयपाल चन्द, डॉ. अरुण अनेजा, डॉ. शशिकांत, डॉ. प्रशान्त खन्ना, डॉ. रवि ठक्कर, डॉ. आकांक्षा ठक्कर, डॉ. अंकुर उपाध्याय, डॉ. नूतन उपाध्याय, डॉ. एजाज अहमद, डॉ. संजीव मिगलानी, डॉ. हिमांशु मेहता, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. अतुल जैन सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।



