लक्सर में आपदा प्रबंधन की समीक्षा, राहत-पुनर्वास कार्यों में तेजी के निर्देश
महाराजपुर-गंगदासपुर सड़क के लिए 3.72 करोड़ की स्वीकृति, कुआंखेड़ा में सोलानी नदी के कटाव का किया निरीक्षण

कलयुग दर्शन (24×7)
आशु (संवाददाता)
लक्सर। विकासखंड सभागार लक्सर में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के उपाध्यक्ष विनय रुहेला की अध्यक्षता में मानसून एवं बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लक्सर और खानपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में जलभराव, सड़क एवं पुलियाओं की स्थिति, जल निकासी, क्षति आकलन, राहत और पुनर्वास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को गांवों को जोड़ने वाली सभी पुलियाओं और क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति की मॉनिटरिंग कर दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में निरंजनपुर और गंगदासपुर में जलभराव, कुआंखेड़ा मार्ग पर सोलानी नदी के कटाव, नरोजपुर की क्षतिग्रस्त सड़क, फ्लाईओवर के नीचे जलभराव, पोडोवाली पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से तथा नियामतपुर और दाबकी की सड़कों की समस्याओं पर चर्चा हुई। निरंजनपुर में जल निकासी के लिए नाला निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए।

महाराजपुर-गंगदासपुर सड़क के लिए 3.72 करोड़ स्वीकृत
उपाध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में महाराजपुर स्थित सत्संग भवन से गंगदासपुर तक करीब 4.50 किलोमीटर सड़क के सुधारीकरण एवं निर्माण कार्य के लिए 3.72 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को सभी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग और पीडब्ल्यूडी को सभी नालों एवं नालियों की युद्धस्तर पर सफाई कराने तथा जल निकासी बाधित न होने देने को कहा। अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
सोलानी नदी के कटाव क्षेत्र का किया निरीक्षण
बैठक के बाद विनय रुहेला ने अधिकारियों के साथ कुआंखेड़ा में सोलानी नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के तेज बहाव से सड़क और तटबंध को हो रहे नुकसान का जायजा लिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कटाव रोकने के लिए तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने और आवश्यक मशीनरी व संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्यान्न एवं राशन उपलब्ध रखने, विद्युत विभाग को क्षतिग्रस्त पोल एवं बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने तथा पशु चिकित्सा विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में चारे और पशु चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विनय रुहेला ने मानसून के बाद डेंगू और जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए नगर निकायों को जलभराव वाले स्थानों की सफाई, जल निकासी, फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव नियमित रूप से कराने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित नागरिकों को समय पर राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, ब्लॉक प्रमुख लक्सर डॉ. हर्ष कुमार दौलत, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, सीओ लक्सर सुरेंद्र सिंह नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, बीडीओ लक्सर परवीन भट्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



