उत्तर प्रदेश

कृषि विज्ञान केंद्र सहारनपुर में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक हुई संपन्न

बैठक में प्रगतिशील किसान व खेती संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों से सुझावो पर विचार विमर्श किया गया

कलयुग दर्शन (24×7)

अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)

सहारनपुर। सहारनपुर कृषि विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र पर तीसवीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक कृषि निदेशक प्रसार अधिकारी डॉक्टर पी. के सिंह की अध्यक्षता में केंद्र के सभागार मे आहूत की गई। कार्यक्रम मे सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ से डॉक्टर पी.के सिंह,प्राध्यापक हरिओम कटिहार, सहअध्यापक उद्यान एवं विभागीय अधिकारी गण, सम्मानित सदस्य , प्रगतिशील कृषकों एवं केंद्र के स्टाफ ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉक्टर आई. के कुशवाहा ने विगत वर्ष बैठक में आए सुझावों तथा उसकी प्रगति आख्या एवं आगामी वर्ष 2026 की प्रस्तावित कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण किया तथा साथ ही पादप सुरक्षा विभाग की गत वर्ष की प्रगति एवं आगामी वर्ष की कार्य योजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण बताया गया पशुपालन विभाग के वैज्ञानिक डॉक्टर मनोज सिंह, सस्य वैज्ञानिक डॉ रविंद्र तोमर, गृह विज्ञान वैज्ञानिक काम्या सिंह ने विगत वर्ष की प्रगति एवं आगामी वर्ष की कार्य योजना का प्रस्तुत की गई।

बैठक मे निदेशक प्रसार द्वारा कृषि विविधीकरण पर जोर दिया गया उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र सहानपुर पर 1.60 करोड़ का उपकार कृषि विविधीकरणक परियोजना की स्वीकृति के बारे में बताते हुए कहा कि सभी कृषि विज्ञान केंद्र में केवल जनपद सहानपुर को यह परियोजना दिलाई गई है। संयुक्त निदेशक कृषि डॉक्टर राजेश कुमार ने खेती में मैकेनाइजेशन पर जोर दिया जिससे कि श्रमिक समस्या का हल हो सके और फसल उत्पादन का मूल्यवर्धन कर आमदनी को बढ़ाया जाए। गन्ने के साथ – साथ सह फसली खेती में मूंग, उड़द और मक्का को बढ़ावा दिया जाए।

डॉक्टर पी.के सिंह ने मृदा स्वास्थ्य ,संतुलित मात्रा में उर्वरक,कीटनाशकों का प्रयोग करने पर बल दिया। डॉक्टर हरिओम कटिहार ने सब्जियों में आईपीएम एवं बायोफार्टिफाईड प्रजातियों की बुवाई करने को कहा उपनिदेशक कृषि संदीप पाल ने कार्बन क्रेडिट के लिए आईआईटी रुड़की के साथ एमओयू करके सहानपुर में पायलट प्रोजेक्ट चलाऐ जाने के विषय में बताया। यतेंद्र सिंह उपनिदेशक फसल सुरक्षा ने फसलों व सब्जियों में कम से कम कीटनाशकों का प्रयोग किया जाए व इसको करने के लिए एकीकृत पेस्ट मैनेजमेंट करना जरूरी है पदम श्री सेठ पाल जी ने नैनो उर्वरकों का फसलों में प्रयोग, पशु चॉकलेट, ड्रोन तकनीकी को अपनाने पर बल दिया।

राजकुमार गौतम उद्यान ने आम का प्रिजर्वेशन कर अधिक आय प्राप्त करने को कहा व साथ ही किसान संरक्षित खेती पर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने विभाग में चल रही योजनाओं से युवाओं को जुड़कर लाभ कमाने को कहा क्षेत्रीय प्रबंधक हफ्को ने फसलों में संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग और पानी में घुलनशील उर्वरकों के प्रयोग पर बोल दिया। इस अवसर पर डॉक्टर विपिन परमार ,सत्यवीर मधुनिकी, वीरेंद्र नाथ, डॉ आलोक पांडे, डॉ संजीव सिंह, डी डी एम नाबार्ड 7 अफरोज, प्रगतिशील किसान धनंजय शर्मा, अजय सैनी, डॉक्टर विजेंद्र पवार, चेतन चौहान, सुधीर सैनी,अरविंद कुमार,सुभावरी चौहान, प्रमोद गोयल रणवीर सिंह, हेमंत सैनी, गुरजीत सिंह यतेंद्र सिंह, नकुल चौधरी आदि एवं कृषि विज्ञान केंद्र का स्टाफ मोजूद रहा।

[metaslider id="7337"]


[banner id="7349"]

Related Articles

Back to top button