उत्तराखंड

कोटद्वार में उठे विवाद के बीच दीपक के समर्थन में कोटद्वार कूच कर रहे भीम आर्मी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

कलयुग दर्शन (24×7)

विनय कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। कोटद्वार में उठे विवाद के बीच दीपक कुमार के समर्थन में जा रहे भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह और उनके समर्थकों को पुलिस ने चंडीघाट चौकी पर रोक दिया। मौके पर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कार्यकर्ता आगे बढ़ने पर अड़े रहे और पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उन्हें रोक दिया। बातचीत विफल होने के बाद पुलिस ने महक सिंह सहित कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर रोशनाबाद भेज दिया। जानकारी के मुताबिक, भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह अपने समर्थकों के साथ कोटद्वार रवाना हुए थे। पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही चंडीघाट चौकी पर घेराबंदी की गई। हालात संभालने के लिए सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी, शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह और इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सख्ती बरतते हुए महक सिंह और उनके कुछ समर्थकों को पुलिस वाहन में बैठाकर रोशनाबाद ले जाया।

उल्लेखनीय है कि कोटद्वार में विवाद की शुरुआत 26 जनवरी को हुई, जब एक मुस्लिम दुकानदार की करीब 30 वर्षों से संचालित दुकान बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर के नाम को लेकर आपत्ति जताई गई। कुछ संगठनों ने दुकान के नाम में बाबा शब्द को लेकर सवाल खड़े किए, जिससे मौके पर बहस और तनाव की स्थिति बन गई। इसी दौरान स्थानीय युवक दीपक कुमार दुकानदार के समर्थन में सामने आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें दीपक सांप्रदायिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाते दिखाई दिए। वीडियो के वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया और शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। चंडीघाट पर रोके जाने के बाद भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलितों और अल्पसंख्यकों की आवाज को दबाने के लिए एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। महक सिंह का आरोप था कि दीपक कुमार को समर्थन देना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार के दबाव में पुलिस लोकतांत्रिक आवाजों को कुचलने का काम कर रही है।

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