उत्तराखंड

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज में चिकित्सा शिविर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर मनाए जा रहे रजत जयंती कार्यक्रमों के अंतर्गत ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय, हरिद्वार में सांस्कृतिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के मार्गदर्शन में 3 नवम्बर से 9 नवम्बर तक आयोजित इस आयोजन में स्थानीय नागरिकों की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है। कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद विभाग द्वारा विशेष निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया है, जहाँ लाभार्थियों को स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श, औषध वितरण और पंचकर्म चिकित्सा की जानकारी दी जा रही है। इस शिविर में डॉ. संजय चिकित्सा अधिकारी, डॉ. सौरमी शल्य रोग विशेषज्ञ और नवीन चंद्र थपलियाल मुख्य फार्मेसी अधिकारी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। शिविर का संचालन जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हरिद्वार डॉ. स्वास्तिक सुरेश और अपर जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हरिद्वार डॉ. अतुल नेगी के निर्देशन में किया जा रहा है। डॉ. सौरमी ने बताया कि यह शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि “आयुर्वेद की शल्य चिकित्सा, पंचकर्म और योग आधारित पद्धतियाँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं, और जन-जन को समग्र स्वास्थ्य की दिशा दिखा रही हैं।

मुख्य फार्मेसी अधिकारी नवीन चंद्र थपलियाल ने कहा कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य है कि आम नागरिक तक आयुर्वेद की सरल, सुलभ और प्रभावी चिकित्सा पहुँच सके। उन्होंने कहा, रजत जयंती कार्यक्रमों के अंतर्गत यह शिविर जनता में प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने और रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शिविर में आने वाले प्रत्येक लाभार्थी की स्वास्थ्य समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जा रहा है, साथ ही जीवनशैली सुधार और योग परामर्श भी दिया जा रहा है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर यह आयोजन उत्तराखंड को आयुष प्रदेश के रूप में सशक्त पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयुर्वेद एवं आयुष मिशन विशेषज्ञ डॉ. अवनीश उपाध्याय ने कहा कि आयुष चिकित्सा आज जन-जन तक पहुंच रही है और यह केवल इलाज नहीं, बल्कि स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में जन आंदोलन बनती जा रही है। उत्तराखंड में इस दिशा में किया जा रहा यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।

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