उत्तराखंडप्रशासन

पूर्व विधायक की गिरफ्तारी पर रोक लगने के बाद घर पहुंचे सुरेश राठौर, उर्मिला और कांग्रेस को बताया विवाद के लिए दोषी

कलयुग दर्शन (24×7)

सरविन्द्र कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी कंट्रोवर्सी से जुड़े सभी मुकदमों में उत्तराखंड हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर गुरुवार को ज्वालापुर स्थित अपने आवास पर पहुंचे। अपने आवास पर ही सुरेश राठौर ने मीडिया से बात की और अपना पक्ष रखा। पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है और इसके लिए वो दो बार गोल्ज्यू देवता के मंदिर भी जा चुके हैं। गोल्ज्यू देवता न्याय के देवता हैं और वही अब सच्चाई सामने लाएंगे। राठौर ने यह भी कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वो भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे। उन्होंने उर्मिला के पक्ष में खड़े महामंडलेश्वर स्वामी दर्शन भारती को जानने से इनकार किया। पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर जो भी प्रदर्शन हुए और जिस तरह का माहौल बनाया गया, उसके लिए केवल उर्मिला और कांग्रेस ही जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रदेश का माहौल खराब किया और अंकिता के नाम पर राजनीति की जा रही है। सुरेश राठौर ने कहा कि उर्मिला ने समाज के साथ धोखा किया है और षड़यंत्र के तहत उनके साथियों को भी फंसाने की कोशिश की गई। राठौर ने यह भी आरोप लगाया कि रविदास पीठ को बदनाम करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने किसी के लिए कोई आपत्तिजनक या अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया है। यदि किसी मामले में कोई दोषी छूट गया है, तो उसका निर्णय सरकार को करना है और सरकार जो भी फैसला करेगी, वह उचित होगा, वो जांच में सहयोग करते आए हैं और आगे भी करेंगे।

सुरेश राठौर ने अपनी और उर्मिला की वायरल रिकॉर्डिंग को लेकर भी कहा कि वो ऑडियो एआई से बनाई गई है। उन्होंने आज तक किसी भी नेता के बारे में या किसी के खिलाफ कोई बात नहीं की। उर्मिला फर्जी ऑडियो वीडियो वायरल कर रही है। एसआईटी किसी भी प्रकार की जांच कर सकती है। आखिर में सुरेश राठौर ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में अगर कहीं कोई दोषी छूट गया हो, या फिर कहीं कोई गुंजाइश है तो उसमें सरकार ही विचार कर सकती है।इसमें उनका कोई अधिकार नहीं है। उनकी सद्भावना अंकिता के परिवार के साथ हैं। विदित हो कि बहादराबाद थाने में 27 दिसंबर को मुकदमा दर्ज होने के बाद से राठौर 11 दिनों तक फरार बताए जा रहे थे। कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब वो सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। बीजेपी को सुरेश राठौर को काफी पहले ही पार्टी से निष्कासित कर चुका है। बता दें कि, खुद को सुरेश राठौर की पत्नी कहने वाली उर्मिला सनावर ने दिसंबर के आखिर में एक वीडियो जारी किया था।उस वीडियो में उर्मिला सनावर ने अपनी और सुरेश राठौर की मोबाइल पर हुई बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी चलाई थी, जिसमें दोनों अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर बात कर रहे थे। उस ऑडियो के वायरल होने के बाद ही तीन साल पुराना अंकिता भंडारी हत्याकांड फिर से चर्चाओं में आ गया।

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