वात्सल्य वाटिका में तीन दिवसीय आचार्य अभ्यास वर्ग का भव्य शुभारंभ

कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। विश्व हिंदू परिषद द्वारा संचालित अशोक सिंघल सेवाधाम वात्सल्य वाटिका के तत्वावधान में दिनांक 09 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय आचार्य अभ्यास वर्ग का आज विधिवत एवं गरिमामय शुभारंभ हुआ। यह अभ्यास वर्ग विश्व हिंदू परिषद उत्तराखण्ड के सेवा विभाग की उस दूरदर्शी सोच का सशक्त उदाहरण है, जिसके माध्यम से समाज की जड़ों को संस्कारों से सींचने का सतत प्रयास किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह में अजय पारिक केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय सेवा प्रमुख, विश्व हिंदू परिषद, राधेश्याम द्विवेदी संयुक्त क्षेत्र प्रमुख, उत्तर प्रदेश–उत्तराखण्ड एवं प्रदीप मिश्रा प्रांत उपाध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनके प्रेरक मार्गदर्शन में प्रथम दिवस के चारों सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुए। अपने उद्बोधनों में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि सेवा विभाग केवल सामाजिक सेवा तक सीमित नहीं है, वह संस्कार, संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण व संवर्धन का सशक्त माध्यम है। वात्सल्य वाटिका जैसी परियोजनाएँ भावी पीढ़ी के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर पर आचार्य के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया गया कि आचार्य समाज का शिल्पकार होता है, जो बालकों के मन, विचार और आचरण को दिशा देता है।

संस्कारशालाओं में कार्यरत आचार्य केवल शिक्षक नहीं, वरन जीवन मूल्यों के संवाहक हैं, जिनके माध्यम से हिंदुत्व आधारित संस्कार पीढ़ी दर पीढ़ी प्रवाहित होते हैं। यह आचार्य अभ्यास वर्ग निश्चित रूप से सेवा, संस्कार और संगठन के त्रिसूत्र के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। सभी प्रशिक्षिकाओं को डायरी, पेन एवं प्रवेशिका कार्ड प्रदान किए गए। उन्होंने मार्गदर्शक वक्ताओं के विचारों से प्रेरित होकर हिंदुत्व को सर्वोपरि मानते हुए संस्कार संवर्धन के दायित्व का संकल्प लिया तथा संस्कारशालाओं के कुशल संचालन में पूर्ण सहभागिता निभाने का प्रण किया। इस अवसर पर यह विश्वास भी व्यक्त किया गया कि भारत का भविष्य इन संस्कारित, जागरूक एवं कर्तव्यनिष्ठ महिलाओं के सुरक्षित हाथों में है। वर्तमान में क्षेत्र में वात्सल्य वाटिका द्वारा 25 संस्कारशालाओं का सफल संचालन किया जा रहा है, जो सेवा विभाग की सक्रियता और प्रभावशीलता को दर्शाता है। समारोह में वात्सल्य वाटिका की ओर से कार्यकारिणी सदस्य विमलेश गौड़, नीता नैय्यर, प्रकल्प अधीक्षक अश्वनी एवं प्रमुख शिक्षिका मानसी भार्गव की विशेष उपस्थिति रही। वात्सल्य वाटिका के समस्त स्टाफ के सहयोग से उद्घाटन सत्र अत्यंत सफल, अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।
[banner id="7349"]



