मुख्यमंत्री के आगमन से एक दिन पूर्व है शिक्षक नेता अशोक मलिक को किया घर में ही नजर बंद

कलयुग दर्शन (24×7)
अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। लेबर कॉलोनी स्थित भगवती देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक मलिक को माननीय मुख्यमंत्री के आगमन से एक दिन पूर्व ही होम अरेस्ट कर लिया गया और पुलिस के पैहरे में रात गुजारी गयी। संगठन के पदाधिकारी को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अशोक मलिक ने कहा कि वर्तमान सरकार मे आपातकाल जैसी स्थिति हो गई है देश का राजा अपनी प्रजा( जनता ) के दुख दर्द को सुनना नहीं चाहता आज सरकार जनता की समस्या सुनना नहीं चाहती और कल जनता वोट मांगने के समय पर नेताओं को भी सुनना पसंद नहीं करेंगे। श्री मलिक ने कहा कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है चोर की जांच कर रहे हैं चोर फर्जी शिकायत और फर्जी जांचों के नाम पर लूटा जा रहा है जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पिछले 40 वर्षों का भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं बी एस ए के आचरण से सभी संगठन के लोग शिक्षा विभाग के कर्मचारी गण आगाज आ चुके हैं शिक्षक और शिक्षिकाओं को मोटी रकम लेकर निलंबन कर बहाल करने का गोरख धंधा चरम सीमा पर चला रही है। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार व जिलाधिकारी महोदय के समयबद / महत्वपूर्ण पत्रों का शिक्षा विभाग बेखौफ होकर 1 वर्ष से भी अधिक समय से शिकायतों के पत्रों को दबाए बैठे हैं मान्यता प्राप्त स्कूलो के बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को शिक्षक ही नहीं मानती जबकि हमारे बेहतर प्रदर्शन से 500 से 5000 तक की छात्र संख्या होती है लेकिन जो विद्यालय 50 बच्चों की संख्या का आंकड़ा भी नहीं छू पाते उन टीचरों को शिक्षक मान रही है उन्हीं को विधान परिषद शिक्षक सीट पर वोट देने का अधिकार है और राष्ट्रपति अवार्ड और राज्यपाल अवार्ड दिए जाते हैं हमें ना राष्ट्रपति अवार्ड और राज्यपाल अवार्ड नहीं दिया जा रहा है और नहीं वोट देने का अधिकार है।

सरकार अपने स्कूलों में सुधार नहीं कर रही है और हमारे ही स्कूलों के शिक्षकों की पात्रता ट्रेंड और अनट्रेड जाचने की आदेश कर दिए हैं और निजी स्कूलों की जांचों के नाम पर फिर अधिकारी गण स्कूल संचालकों का शोषण कर रहे हैं सरकार के द्वारा ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार के शासनादेशाअनुसार पत्राक 1980 दिनांक 1 जुलाई 2022 के अनुसार बकाया फीस प्रतिपूर्ति का प्राप्त और अप्राप्त धनराशि का लेखा जोखा मांगा गया था और आज तक 2016 से अब तक बकाया भुगतान नहीं हुआ सरकार बकाया फीस प्रतिपूर्ति का अविलंब भुगतान करें वरना निजी स्कूल संचालक गरीब दुर्बल वर्ग के बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे। जिला अध्यक्ष योगेश शर्मा एवं के पी सिंह ने कहा की अपार आईडी निजी स्कूलों का सिरका दर्द बन गई है अभिभावको व बच्चों के आधार कार्डो में बहुत कमियां है जिससे एक बच्चे की अपार आईडी ठीक होती है तो दूसरे बच्चे की गलत हो जा रही है सरकार को चाहिए कि अपने सरकारी तंत्र के माध्यम से घर-घर जाकर अभिभावकों से मिलकर अपार आईडी का कार्य सरकारी कर्मचारियों से करना चाहिए यदि आरटीई के गरीब दुर्बल वर्ग के निशुल्क बच्चों के अपार आईडी के आधार पर फीस प्रतिपूर्ति दी गई तो जिन बच्चों की अपार आईडी नहीं होगी उन बच्चों को निजी स्कूल संचालक नहीं पढ़ाएंगे सरकार लॉटरी के माध्यम से जन्म प्रमाण पत्र के द्वारा बच्चों का प्रवेश करते हैं और जन्म प्रमाण पत्र से अपार आईडी संभव नहीं है आधार कार्ड के आधार पर ही निशुल्क बच्चों का प्रवेश कराना चाहिए।

महामंत्री अरविंद शर्मा और अजय सिंह रावत और गययूर आलम ने कहा की यू डाइस अपार आई डी के लिए या तो सरकार कंप्यूटर ऑपरेटर और लैपटॉप की व्यवस्था निजी स्कूलों के लिए करें वरना सरकारी कार्य सरकारी कर्मचारियों से ही करना चाहिए। मुजाहिद नदीम एवं जोरा सिंह ने कहा की मान्यता प्राप्त स्कूलों के साथ सरकार धोखा कर रही है पहले हमें नर्सरी से पांचवी तक बच्चों को पोर्टल पर चढ़ाए हुए थे और आर टी ई के बच्चों का प्रवेश किया गया था हमारे बच्चों को पोर्टल से हटाया गया प्री प्राइमरी और नर्सरी की क्लास से पोर्टल से हटtकर शिक्षा विभाग मनमानी कर रहा है सरकार का ऐसा कोई आदेश भी नहीं है। इस अवसर पर अमजद अली एडवोकेट धनंजय शर्मा मुजाहिद नदीम अनिल सचदेवा ईश्वर चंद फौजी योगेश शर्मा गयूर आलम केपी सिंह कंवरपाल सिंह महिपाल सिंह भोपाल सिंह हरेंद्र कुमार रविंद्र शरद चंद किशोर धर्मेंद्र सिंह हंस कुमार जोरा सिंह प्रवीण कुमार गुप्ता अरुण सैनी मास्टर सतीश शर्मा राजकुमार सैनी मास्टर दुर्गा प्रसाद मास्टर कययूम मास्टर कंवरपाल मास्टर पुष्पेंद्र पुंडीर कुलदीप श्रीमती सुषमा श्रीमती डिंपल श्रीमती सरिता चौधरी श्रीमती प्रिया कावतरा आदि उपस्थित रहे।
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