शोक की घड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संवेदनशील कदम: जड़ौदा जट्ट पहुंचकर राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह के पिता स्व. डॉ. राजकुमार सिंह रावत को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को बंधाया ढांढस

कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
सहारनपुर, देवबंद। देवबंद क्षेत्र के गांव जड़ौदा जट्ट में शनिवार को शोक और संवेदना का माहौल उस समय और गंभीर हो गया, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं गांव पहुंचकर प्रदेश सरकार में पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह के स्वर्गवासी पिता डॉ. राजकुमार सिंह रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार से भेंट कर गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. राजकुमार सिंह रावत एक सादगीपूर्ण, सरल और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे। उनका सामाजिक जीवन अनुकरणीय रहा और उन्होंने अपने आचरण से समाज को दिशा देने का कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निधन से न केवल परिवार को, बल्कि पूरे क्षेत्र को एक अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन समय में प्रदेश सरकार और वह स्वयं परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस गहन दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान गांव में शांति और गंभीरता का वातावरण बना रहा। मुख्यमंत्री के साथ कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा को नमन करते हुए पुष्प अर्पित किए और परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. राजकुमार सिंह रावत अपने जीवन में सादगी, सेवा और सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्ग के लिए सहयोग की भावना रखी और लोगों के बीच सम्मान का स्थान प्राप्त किया। उनकी स्मृतियां आज भी क्षेत्रवासियों के दिलों में जीवित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर गांव जड़ौदा जट्ट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन द्वारा यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील और मानवीय कदम से शोकाकुल परिवार को मानसिक संबल मिला। साथ ही क्षेत्र में यह संदेश गया कि दुख की घड़ी में शासन और प्रशासन जनता के साथ खड़ा है। गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री के आगमन को सम्मान और सहानुभूति का प्रतीक बताया। इस अवसर पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों ने भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम उनके संवेदनशील नेतृत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपस्थिति से न केवल पीड़ित परिवार को संबल मिलता है, बल्कि समाज में आपसी एकजुटता और मानवीय मूल्यों को भी मजबूती मिलती है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिजनों से पुनः मुलाकात कर उन्हें धैर्य रखने का संदेश दिया और इसके बाद वह अपने अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।
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