उत्तराखंड

विकास खंड बहादराबाद में धोखाधड़ी से बनाया गया फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। विकास खंड बहादराबाद में धोखाधड़ी कर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि शाहीन पत्नी उस्मान और उस्मान पुत्र मौ. इकबाल, निवासी पावधोई राम रहीम कॉलोनी, ज्वालापुर (हरिद्वार) ने आवेदन देकर बताया था कि उनकी पुत्री अक्षा का जन्म 1 मार्च 2008 को जया मैक्सवेल हॉस्पिटल, अतमालपुर बौंगला में हुआ था। उन्होंने कहा कि पहले जारी जन्म प्रमाण पत्र खो गया है और आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए बारकोड वाला ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र चाहिए। आवेदन के साथ उन्होंने 5 फरवरी 2009 को जारी हस्तनिर्मित जन्म प्रमाण पत्र की छायाप्रति तथा अपने आधार और मतदाता पहचान पत्र की स्वप्रमाणित प्रतियां भी संलग्न की थीं। इसी आधार पर 18 फरवरी 2026 को सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर कु. अक्षा का जन्म प्रमाण पत्र (पंजीकरण संख्या 174) जारी कर दिया गया। बाद में एक व्यक्ति द्वारा सूचना देने पर मामले की जांच की गई।

जांच के दौरान जब ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने जया मैक्सवेल हॉस्पिटल, अतमालपुर बौंगला में रिकॉर्ड की पड़ताल की, तो पता चला कि वर्ष 2008 में यह अस्पताल बना ही नहीं था। इससे स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने पहले से तैयार किए गए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र की प्रति देकर धोखे से ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी करा लिया। अधिकारी ने आशंका जताई है कि आरोपियों ने नगर क्षेत्र में निवास होने के कारण इसी प्रकार के झूठे आवेदन नगर पालिका शिवालिक नगर और नगर निगम हरिद्वार में भी किए हो सकते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को निर्देश दिया है कि शाहीन और उस्मान सहित अन्य संभावित आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना कर सरकारी अभिलेख तैयार करने, फर्जी साक्ष्य बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। साथ ही धोखाधड़ी से जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र (पंजीकरण संख्या 174, 18 फरवरी 2026) तत्काल निरस्त कर संबंधित सभी पक्षों को पंजीकृत डाक से सूचित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

Related Articles

Back to top button