महंत डॉ. रविन्द्र पुरी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर संत समाज में रोष, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
आचार्य महामंडलेश्वर अरुण गिरी समेत कई संतों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की उठाई मांग

कलयुग दर्शन (24×7)
अमित वालिया (संवाददाता)
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं माँ मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत डॉ. रविन्द्र पुरी जी महाराज के विरुद्ध सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर संत समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी से जुड़े संतों ने शासन-प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आचार्य महामंडलेश्वर अरुण गिरी जी महाराज (आह्वान अखाड़ा) ने कहा कि संत समाज सदैव सनातन धर्म, समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य करता आया है। ऐसे में किसी पूज्य संत के विरुद्ध हिंसा या हत्या जैसे विषयों से जुड़ी कथित आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित होना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसी सामग्री प्रसारित करने का दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का माध्यम है, लेकिन इसका दुरुपयोग कर किसी संत या धार्मिक व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना अथवा समाज में भय और तनाव का माहौल बनाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संत समाज से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सत्य और न्याय की विजय निश्चित होगी तथा प्रशासन से पूरे प्रकरण की शीघ्र जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाने की मांग की।

महामंडलेश्वर स्वामी वेद मुनि जी महाराज ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। महामंडलेश्वर स्वामी आदि योगी पुरी जी महाराज ने भी इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अपने पूज्य गुरुदेव के प्रति पूर्ण समर्थन जताया। सनातन हिंदू वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष अमित बलिया ने कहा कि प्रशासन को मामले में बिना देरी किए प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। श्री चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी सत्य श्री गिरी जी महाराज, महंत विश्वास आनंद जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं ने भी घटना पर रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।



