उत्तराखंड

111 मीटर लंबे हस्ताक्षर-पत्र को लेकर आर.एस.एस.टी ने पीएम मोदी, धामी व योगी को भेजा पत्र, हरिद्वार में 100 फीट भगीरथ प्रतिमा की मांग

कलयुग दर्शन (24×7)

नरेश मित्तल (संवाददाता)

हरिद्वार। राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट (आर.एस.एस.टी.) के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने “शंखनाद अभियान” के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धमी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पंजीकृत डाक के माध्यम से पत्र भेजे हैं। यह अभियान माँ गंगा को पृथ्वी पर लाने वाले महाराजा भगीरथ के सम्मान में चलाया जा रहा है। पत्र में संगठन की ओर से 111 मीटर लंबे हस्ताक्षर-पत्र का उल्लेख किया गया है, जिस पर 1 लाख से अधिक सनातनियों के हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। करीब 1840 वर्ग फीट के इस विशाल पत्र को महाराजा भगीरथ के सम्मान को समर्पित बताया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि वे हरिद्वार के भूपतवाला स्थित “महाराजा भगीरथ बिंदु” पर पहुंचकर स्वयं इस ऐतिहासिक हस्ताक्षर-पत्र को ग्रहण करें और स्थल का निरीक्षण करें। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि भगीरथ बिंदु की भूमि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की गंग नहर के अंतर्गत आती है, इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार से भी इसके पुनरुद्धार की मांग की गई है। संगठन की मुख्य मांग हरिद्वार में महाराजा भगीरथ की 100 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा और भव्य “भगीरथ घाट” के निर्माण की है।

प्रदीप शर्मा ने कहा कि गोमुख से गंगासागर तक महाराजा भगीरथ का कोई भव्य स्मारक नहीं है, जबकि भगीरथ बिंदु ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। उन्होंने बताया कि यही वह स्थान है, जहां से Madan Mohan Malaviya ने हर की पौड़ी के निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया था, लेकिन वर्तमान में यह स्थल उपेक्षा का शिकार है। उन्होंने कहा कि संगठन की केवल 11 सदस्यीय टीम पूर्ण अनुशासन के साथ मुख्यमंत्री से समय चाहती है। इस दौरान न कोई टैंट लगाया जाएगा, न साउंड सिस्टम और न ही भीड़ एकत्रित की जाएगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे केवल 10 मिनट का समय देकर भगीरथ बिंदु का निरीक्षण करें और प्रधानमंत्री के नाम तैयार किए जा रहे 111 मीटर लंबे हस्ताक्षर-पत्र को ग्रहण कर लाखों सनातनियों की भावनाओं को देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का कार्य करें।

Related Articles

Back to top button