उत्तराखंड

देश-दुनिया में सनातन संस्कृति को संतो ने मजबूत करने का कार्य किया: पुष्कर सिंह धामी

कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
हरिद्वार। उत्तरी हरिद्वार स्थित हरिपुर की प्रख्यात धार्मिक संस्था हरि सेवा आश्रम के वार्षिकोत्सव के अवसर पर परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज के सान्निध्य में विशाल संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महानिर्वाणी पीठाधीश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, योगगुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण तथा महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पगड़ी, शॉल, प्रतीक चिन्ह एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने तथा संचालन डॉ. हरिहरानंद शास्त्री ने किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आध्यात्म की राजधानी है और यहां के संतों ने देश-दुनिया में सनातन संस्कृति को मजबूत करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संतों के मार्गदर्शन में राज्य सरकार लैंड जिहाद,लव जिहाद, थूक जिहाद तथा अतिक्रमण जैसी चुनौतियों पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य स्वरूप देने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत दोनों को समान गति से आगे बढ़ा रहा है। चारधाम सहित उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास हुआ है, जिससे सनातन संस्कृति को नई मजबूती मिली है। उन्होंने संत सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए स्वामी हरिचेतनानंद महाराज को बधाई देते हुए कहा कि इस आयोजन ने संत समाज का आशीर्वाद एक मंच पर प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया है। हरि सेवा आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आध्यात्मिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित विभिन्न प्रभावी कानूनों के माध्यम से राज्य में सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को सशक्त बनाने का कार्य हुआ है।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे महानिर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती महाराज ने कहा कि स्वामी हरिचेतनानंद महाराज सभी संतों के प्रिय हैं। उन्होंने देश की आध्यात्मिक एवं सामाजिक विभूतियों को एक मंच पर लाकर सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में आगामी कुंभ मेला दिव्य एवं भव्य स्वरूप में आयोजित होगा। योगगुरु बाबा रामदेव ने अपने भजन से उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर करते हुए कहा कि देश और दुनिया में योग तथा सनातन संस्कृति का प्रभाव निरंतर बढ़ रहा है और भारत की आध्यात्मिक परंपरा वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रही है। संत सम्मेलन में पधारे संतो महंतो महामण्डलेश्वरों एवं राजनीतिक लोगों का महंत दुर्गादास महाराज ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, आचार्य बालकृष्ण, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, डॉ. चिन्मय पंड्या, महामंडलेश्वर अच्युतानंद महाराज, सांसद एवं महामंडलेश्वर सच्चिदानंद साक्षी महाराज, धुनीदास महाराज, भगतराम महाराज, महामंडलेश्वर शंकर करौली महादेव, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि, महामंडलेश्वर रामानुज सरस्वती, महामंडलेश्वर अंतानंद, डॉ. हरिनारायण शास्त्री, महामंडलेश्वर आनंद चेतन महाराज, महामंडलेश्वर कुमार स्वामी, महामंडलेश्वर मैत्री गिरि, स्वामी सुरेशमुनि, महामंडलेश्वर भगवतस्वरूप, महामंडलेश्वर ज्योतिर्मयानंद, महंत ऋषिराम, श्रीमहंत दुर्गादास महाराज, ऋषिश्वरानंद महाराज, महंत शिवानंद भारती, महंत सूरजदास, डॉ. रविदेव शास्त्री, दिनेश दास, महंत राम महाराज, श्रीमहंत विष्णुदास महाराज, महंत जयानंद, स्वामी रामविशालदास, बाबा हठयोगी, भक्त दुर्गादास, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, कैलाश विजयवर्गीय, प्रदीप बत्रा, राज्यमंत्री नितिन गौतम, ओमप्रकाश जमदग्नि, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, भाजपा युवा नेता विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग सहित बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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