जिला कारागार में गंगा कथा, कैदियों को मिला भक्ति और सदाचार का संदेश

कलयुग दर्शन (24×7)
दीपक कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के संयोजन में जिला कारागार में आयोजित गंगा कथा में कथाव्यास पंडित संजय कृष्ण महाराज ने मां गंगा की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गंगा जल के आचमन और मां गंगा के दर्शन मात्र से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। कथा के दौरान पंडित संजय कृष्ण महाराज ने विद्यापति की गंगा भक्ति, राजा पुण्यकीर्ति की गंगा भक्ति और मां सीता की गंगा साधना सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया। साथ ही काशी के गंगा महोत्सव और गंगा पूजन विधि की विस्तार से जानकारी दी। महामंडलेश्वर संतोषानंद महाराज ने कहा कि मां गंगा का जल पवित्र होने के साथ औषधीय गुणों से भी युक्त है। कारागार में गंगा कथा का आयोजन इस बात का प्रतीक है कि धर्म सभी के लिए है। मां गंगा की कृपा से प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन को शुद्ध और पापमुक्त बना सकता है।

श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि अखाड़ा धर्म, संस्कार और सेवा के लिए समर्पित है। कारागार में कथा आयोजन का उद्देश्य कैदियों के भीतर भक्ति, सदाचार और सकारात्मक सोच का भाव जागृत करना है। जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने कहा कि जेल प्रशासन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कैदियों को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास कर रहा है। गंगा कथा से सभी को संयम, अनुशासन और नैतिकता की प्रेरणा मिली। इस अवसर पर स्वामी महाबलेश्वर, स्वामी संतोषानंद देव, स्वामी रूद्रानंद, स्वामी कार्तिक गिरि, डॉ. दिनेश बाली, ऋषि शर्मा, रोहित शर्मा, हिमांशु भारद्वाज, संगीता, वंदना, कुलदीप शर्मा, सुमित कुमार, अमित शर्मा, बलविंदर चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु तथा कारागार के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।



