सृष्टि के कण-कण में है भगवान शिव का वास: स्वामी कैलाशानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि शिव साधना से जीवन पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव होता है। श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित पूरे सावन चलने वाली विशेष शिव साधना के दौरान श्रद्धालु भक्तों को आशीर्वचन प्रदान करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि इस सृष्टि की रचना महादेव शिव ने की है। सृष्टि के कण-कण में महादेव शिव का वास है। उनकी आराधना और साधना परम् कल्याणकारी है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की साधना और आराधना कभी भी की जा सकती है। लेकिन सावन में शिव साधना का विशेष महत्व है। भगवान शिव को प्रकृति से बेहद लगाव है। इसीलिए उन्होंने अपना निवास सांसरिक कोलाहल से दूर कैलाश पर्वत पर बनाया है।

सावन में प्रकृति नया श्रंग्रार करती है। नए पेड़ पौधे और पुष्प उत्पन्न होते हैं। ऐसे मनोरम वातावरण में की गयी शिव आराधना से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। नकारात्मकता दूर होती है। सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने से भय दूर होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। इस अवसर पर स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी, स्वामी बाल मुकंुदानंद ब्रह्मचारी सहित श्री दक्षिण काली मंदिर के संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।



