उत्तर प्रदेश

कृष्णोतस्व-2026 की तैयारियां ज़ोरो पर

पारावारिक संस्कारो से मिली सनातनी सनकृति को अगली पीढ़ी को सौप रहे पत्रकार संकल्प नैब

कलयुग दर्शन (24×7)

हैदर अंसारी (सहारनपुर जिला प्रभारी)

सहारनपुर। पेशे से पत्रकार संकल्प नैब सनातन संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों को दे रहे नई पीढ़ी तक विस्तार। आगामी 4 सितंबर को गुरुद्वारा रोड पर गत वर्षो की भाँती इस वर्ष भी भव्य रूप से होगा कृष्णोत्सव-2026। पेशे से पत्रकार संकल्प नैब पत्रकारिता के साथ-साथ सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पारिवारिक संस्कारों को आगे बढ़ाने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रहे हैं। सनातन धर्म में जन्म लेने के बाद परिवार से मिले संस्कारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है।उक्त के क्रम मे उल्लेखनीय हैं कि संकल्प के दादा सोम प्रकाश नैब ने ज़ब डॉक्टर ब्रिज बिहारी लाल को ढमोले के किनारे सभी धर्म, जाति के बच्चों को पढ़ाते हुए देखा तो ब्राह्मदत्त मायर एवं लक्ष्मी सिनेमा के मालिक ओमकार नाथ माथुर से मिलकर न केवल टीन शेड डलवाया बल्कि उसी वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर श्री राधा कृष्ण जी द्वारा लिखित हिंदी नाटक “कृष्णावतार का मंचन कराया और संस्था का नाम रखा “सतयुग आश्रम ड्रामेटिक ऐसोशियशन (सदा) रखा और नाटक के लिए बने मंच के दोनों और टीन के कनस्तर मे लोगो से चंदा एकत्र किया और उससे बना सतयुग आश्रम मॉडल इंटर कॉलेज (एस ए एम) सदा उस दौर मे धार्मिक, सामाजिक नाटको एवं सांस्कृतिक आयोजनो की बड़ी पहचान बनी। उसके बाद शंकल्प के पिता वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द नैब ने बचपन मे अम्बाला रोड स्थित राधा कृष्ण मंदिर मे प्रमोद वत्स के साथ मिलकर कृष्ण जन्माष्टमी को झांकिया लगाई शुरू की और किशोर अवस्था मे आने पर मंदिर के बाहर नाटक कृष्णावतार का मंचन कई वर्षो तक किया जिसका परिणाम ये हुआ कि वो ही संस्था राधा कृष्ण मंदिर क्लब गांधी पार्क के नाम पर लगभग टीन दशक से पूर्व राम लीला के आयोजन मे बदली, जहाँ संकल्प आज भी कई महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।

इसके अतिरिक्त स्टार पेपर मिल मे सेवारत संकल्प नैब के नाना श्री नत्थूराम यादव भी प्रभु श्री कृष्ण के अनन्य भक्त होने के कारण न केवल कृष्ण जी की धार्मिक भावनाओ से प्रभावित होकर पूर्ण आस्था से झाकियां लगाते रहे बल्कि अन्य झांकियों को भी पना यथा सम्भव सहयोग/समर्थन करते रहे। इसी भावना के साथ 4 सितंबर 2026 को गुरुद्वारा रोड स्थित कांग्रेस कमेटी ग्राउंड, सहारनपुर में कृष्णोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सनातन संस्कृति का संदेश दिया जाएगा। संकल्प नैब के लिए कृष्ण उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि दर्जनों दशक वर्षो से चली आ रही उनके परिवार की कृष्ण भक्ति और संस्कारों की विरासत का हिस्सा है। उस समय संसाधन आज की तरह नहीं थे, लेकिन भगवान के प्रति आस्था, उत्साह और श्रद्धा में कोई कमी नहीं थी। समय के साथ पीढ़ियां बदलीं, परिस्थितियां बदलीं, लेकिन परिवार द्वारा शुरू की गई कृष्ण भक्ति की परंपरा आज भी जीवित है। आज उसी विरासत को उनके परिवार की अगली पीढ़ी आगे बढ़ा रही है और सनातनी संस्कृति को अगली पीढ़ी को सोपने का काम कर रही हैं।

संकल्प नैब का कहना है कि परवार के वे बड़े भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके संस्कार, उनकी आस्था और प्रभु श्रीकृष्ण के प्रति उनकी श्रद्धा आज भी परिवार के साथ है। उनके लिए कृष्णोत्सव का आयोजन परिवार की स्मृतियों को जीवंत रखने और उनके दिए संस्कारों को आगे बढ़ाने का एक माध्यम है। आज जब नई पीढ़ी आधुनिक जीवनशैली की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे समय में संकल्प नैब का यह प्रयास अपनी जड़ों, संस्कृति और सनातन परंपराओं से जुड़ने का संदेश भी देता है।दर्जनों दशक पहले नाना जी ने जिस कृष्ण भक्ति की ज्योत को प्रज्वलित किया था, आज वही ज्योत संकल्प नैब और उनका परिवार आगे बढ़ा रहा है। एक पीढ़ी ने संस्कार दिए, दूसरी ने उन्हें संभाला और अब नई पीढ़ी उन संस्कारों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। यही इस कृष्णोत्सव-2026 की सबसे खूबसूरत विरासत है।

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