आस्थाउत्तराखंड

श्री अखंड परशुराम अखाड़ा ने किया संस्कृति और धर्म की गरिमा बनाए रखने का आह्वान

देवी देवताओं का स्वरूप धारण कर नाच गाने पर लगे रोक: पंडित अधीर कौशिक

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। नवरात्र के अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने युवाओं से सनातन संस्कृति, धर्म और राष्ट्रभक्ति को सशक्त बनाने की अपील की है। माया देवी मंदिर प्रांगण में जागरूकता अभियान की शुरूआत करने के दौरान श्रद्धालुओं, धार्मिक आयोजकों और संतों से धार्मिक आयोजनों में अनुशासन और गरिमा बनाए रखने का आग्रह करते हुए अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में देवी-देवताओं के स्वरूप धारण कर सार्वजनिक रूप से नाच-गाना करना सनातन संस्कृति की गरिमा के विपरीत है। इस पर तत्काल रोक लगायी जाए। उन्होंने आयोजकों से भी अपील की कि झांकियों को सुसंस्कृत, स्वच्छ और दिव्यता से युक्त बनाया जाए, ताकि समाज में श्रद्धा और संस्कार सुरक्षित रहें।

शोभा यात्राओं और धार्मिक यात्राओं में धार्मिक भजन और राष्ट्रगीत बजाने और पाश्चात्य धुनों और अनावश्यक शोर-शराबे वाले गीतों से बचने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को नई दिशा प्रदान करते हुए यात्राओं, जुलूस, और भजन संध्याओं को आयोजन सादगी से किया जाए। भगवान राम, परशुराम, कृष्ण, और अन्य महापुरुषों के संवादों के माध्यम से समाज में धर्म और नीति का प्रचार किया जाए। युवाओं में देशप्रेम जगाने के लिए शहीदों की गाथाएं प्रस्तुत की जाएं। दहेज, जातिवाद और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम चलाएं जाएं।

श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद जैसे नाट्य मंचन से कर्तव्य बोध और धर्म का प्रसार किया जाए। नवरात्र पर्व पर दुर्गा के नौ स्वरूपों पर आधारित लघु नाटिकाओं का मंचन किया जाए। उन्होंने कहा कि इसमें सभी संस्थाओं को सहयोग करना चाहिए। इस दौरान पंडित पवन कृष्ण शास्त्री, कुलदीप शर्मा, कृष्ण चौहान, माया देवी मंदिर के पुजारी भास्कर पुरी महाराज, संजय शर्मा, विवेक कौशिक, कुलदीप, कृष्ण चौहान, इलायची पुरी, दिवाकर पुरी, मनोज पुरी, दीपक पुरी, शीशराम, सक्षम पुरी आदि मौजूद रहे।

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