जिला प्रशासन द्वारा शीत लहर एवं ठंड से बचाव हेतु जारी की गई एडवाईजरी

कलयुग दर्शन (24×7)
अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में शीतलहर एवं ठण्ड से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी की गई है, जिन्हें अपनाने से जनपद वासियों को शीतलहर एवं ठण्ड से बचाव हेतु सुविधा होगी। जनपदवासी समय-समय पर स्थानीय रेडियो, दैनिक समाचार पत्रों, टीवी एवं मोबाइल फोन के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री सलिल कुमार पटेल ने बताया कि कोयलें की अंगीठी, मिट़टी तेल का चूल्हा, हीटर इत्यादि का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें तथा कमरें में शुद्ध हवा का आवागमन, वेंटिलेशन, वायु-संचार बनायें रखें ताकि कमरे में जहरीली धुआं इकट्ठा न हो। शरीर को सूखा रखें, गीले कपडे तुरन्त बदल लें, ये आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते है। घर में अलाव का सामान न हो तो अत्याधित ठंड के दिनों में सामुदायिक केन्द्रों, आश्रय स्थलों पर जाये, जहाँ प्रशासन द्वारा अलाव का प्रबंध किया गया हो। कई स्तरों वाले गर्म कपड़े जैसे ऊनी कपडे, स्वेटर, टोपी, मफलर इत्यादि का प्रयोग आपको शीत लहर एवं ठंड के प्रभाव से बचा सकते है। ऊनी कपड़ों के कमी की दशा में दो तीन कपड़े एक के ऊपर एक पहनकर शीत लहर एवं ठंड के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

अत्याधिक ठंड एवं कोहरा पड़ने पर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को जितना हो सके उतना घर के अन्दर रखें। शरीर में ऊष्मा के प्रभाव को बनाये रखने के लिए पोषक आहार एवं गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। धूप निकलने की दशा में इसका सेवन ठंड एवं शीत लहर से बचाव करेगा। श्री सलिल कुमार पटेल ने कहा कि हाइपोथर्मिया के लक्षणों जैसे शरीर का आसामान्य तापमान, भ्रम या स्मृति हानि, बेहोशी, विचलन, अत्याधिक ठिठुरन, सुस्ती, थकान, तुतलाहट इत्यादि की स्थिति उत्पन्न होने पर अपनी नजदीकी अस्पताल से सम्पर्क करें। शीतदंश के लक्षणों जैसे शरीर के अंगो का सुन्न पड़ना, हाथों-पैरों की ऊंगलियों, कान, नाक आदि सफेद या पीले रंग के दाग उभर आने पर अपने नजदीकी अस्पताल से सम्पर्क करें। अपने आस-पास के अकेले रहने वाले किसी भी पडोसियों की जानकारी रखे, खासकर बुजुर्गों की एवं किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस स्टेशन से सम्पर्क करें। ठंड एवं शीत लहर की दशा में पालतु पशुओं, पक्षियों के बाड़े को ऊष्मा रोधी बनाने हेतु खिड़की दरवाजो को ढककर रखें परन्तु वेंटिलेशन हेतु पर्याप्त खुला स्थान भी छोड़े। सिगडी, अलाव, अंगीठी सोते समय बुझाकर सोये इससे आगजनी से बचा जा सकता है। सिगड़ी, अलाव, अंगीठी बन्द स्थानों पर जलाने से बचें। निराश्रित, असहाय, विकलांग, बीमार, मानसिक विकलांग व्यक्ति अगर ठंड से प्रभावित होते दिखे तो ऐसी दशा में क्षेत्रीय लेखपाल के माध्यम से निःशुल्क कम्बल दिलाने में मदद करें।

शीतलहर से बचाव हेतु एडवाइजरी
पहले क्या करेंः-
– रेडियो सुने, टीवी देखें, स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के लिए समाचार पत्र पढे ताकि यह पता चल सके कि क्या शीत लहर होने वाली है।
– पर्याप्त सर्दियों के कपड़े पहनें। कपड़ों की कई परतें शरीर को गर्म रखने में अधिक सहायक होती है।
– आपालकालीन आपूर्ति आवश्यकतानुसार आवश्यक आपूर्ति स्टोर करें एवं तैयार रखें।
– शीतलहर के दौरान फ्लू, बहती/भरी हुई नाक या नाक से खून जैसी विभिन्न बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, जो आमतौर पर ठंड के लंबे समय तक सम्पर्क में रहने के कारण हो जाती है या बढ़ जाती है। इस तरह के लक्षणों के लिए डॉक्टर से सम्पर्क करें।
शीत लहर के दौरान क्या करेंः-
– मौसम की जानकारी और आपातकालीन प्रक्रिया की जानकारी का बारीकी से पालन करें और सलाह के अनुसार कार्य करें।
– जितना हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें।
– भारी कपड़ो की एक परत के बजाय ढीला फिटिंग, हल्के, विंडप्रूफ गर्म ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें। टाइट कपड़े ब्लड सर्कुलेसन को कम करते हैं।
– अपने आप को सूखा रखें। अपने सिर, गर्दन, हाथों और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से कवर करें क्यों कि शरीर के इन अंगों के माध्यम से शरीर को ठंडक लगने का खतरा अधिक रहता है।
– दस्तानें पहने क्योंकि दस्तान ठंडक से गर्मी और इनसुलेशन प्रदान करते हैं क्योंकि उंगलियां अपनी गर्मी साझा करती हैं। और ठंड के लिए कम सतह को उजागर करती हैं।
– ठंडक से बचने के लिए टोपी और मफलर का प्रयोग करें।
– शरीर के तापमान का संतुलन बनाए रखने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।
– नियमित रूप से गर्म तरल पेय पदार्थ पिएं, क्योंकि गर्म पेय पदार्थ ठंडक से लड़ने के लिए शरीर को गर्मी प्रदान करते हैं।
– तेल, पेट्रोलियम जेली या बॉडी क्रीम से नियमित रूप से शरीर की मालिश करें, क्योंकि यह त्वचा को नमी प्रदान करते हैं।
– बुजुर्ग लोगों और बच्चों की देखभाल करें और अकेले रहने वाले पड़ोसियों का ख्याल रखें।
– गैर-औद्योगिक इमारतों के लिए गर्मी इनसुलेशन गाइडलाइन का पालन करें।
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