विभागीय मिली भगत के चलते गलत तरीके से जारी की गई 25 पेड़ों की परमिशन की आड़ में जवान व फलदायक करीब 82 पेड़ों को तीन दिनों से लगातार कटान जारी

कलयुग दर्शन (24×7)
अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। योगीराज में उद्यान व वन विभाग के अधिकारी लगातार अपनी तिजोरियां भरने के चक्कर में सरकार का मखौल उड़ा रहे है। जिसके चलते उद्यान व वन विभाग की लापरवाही से पर्यावरण को उजाड़ा जा रहा है।जिसके चलते हरे भरे फलदार पेड़ों को मृत व बीमार दर्शाकर लगातार अनुमतियां जारी कर जवान व फलदायक पेड़ों को बेरहमी से काटा जा रहा है जबकि बेहट क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर मिली फलपट्टी की पहचान को बेखौफ तरीके से नेस्तानाबूद किया जा रहा है।हालांकि सरकार के द्वारा प्रतिवर्ष पर्यावरण संरक्षण के नाम पर करोड़ों करोड़ों रुपए खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चला रही है उसके बावजूद भी विभागीय मिलीभगत के चलते पर्यावरण बचाओ अभियान पर संकट मंडरा रहा है। खास तौर से देखा जाए तो बेहट क्षेत्र में लगातार विभागीय मिलीभगत के चलते हर रोज गलत परमिशन की आड़ में फलदार एवं कीमती पेड़ों को बेरहमी से काटा जा रहा है इतना ही नहीं कुछ वन माफियाओं के द्वारा तो पांच दस पेड़ की परमिशन की आड़ में 50 तक पेड़ काटे जा रहे हैं जिनकी तरफ विभाग का कोई ध्यान नहीं है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही ऐसे मामलों में संलिप्त विभागीय अधिकारियों व वन माफियाओं के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही नहीं की गई तो वो दिन दूर नहीं जब लोग पीने के पानी एवं ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। स्थानीय लोगों का तो यहां तक कहना है कि ऐसे करते करने वालों की शिकायत करने के बावजूद भी विभाग की ओर से कोई जांच नहीं की जाती ना ही मौके पर आकर पेड़ों को देखा जाता है बस केवल पैसे की आड़ में हरे भरे एवं फलदार पेड़ों की परमिशन जारी की जाती है। ताजा मामला जो पिछले करीब तीन दिनों से कोतवाली मिर्जापुर क्षेत्र के रायपुर-मिर्जापुर मार्ग पर स्थित पर एक हरे भरे फलदार बाग को विभागीय मिली भगत के चलते गलत जारी की गई 25 पेड़ों की गलत परमिशन की आड़ में जवान व फलदायक करीब 82 पेड़ों को तीन दिनों से लगातार काटकर शासन प्रशासन की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। जिसकी शिकायत के बावजूद भी संबंधित विभाग ने कोई जांच नहीं की। हालांकि काटे गए पेड़ों का संपूर्ण लेखा-जोखा जमीन की नकल में दर्ज है उसके बावजूद भी संबंधित अधिकारी कोई कार्यवाही करने को तैयार नहीं है वन माफिया के द्वारा तुरंत ही पेड़ों की जड़ों को जेसीबी मशीन के द्वारा निकलवाकर जमीन को समतल कर दिया गया है।। ऐसे में देखना ही होगा कि संबंधित विभाग ऐसे लोगों पर क्या कार्यवाही करता है यह बड़ा सवाल है या पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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