उत्तर प्रदेश

जिलाधिकारी और सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, जनपद में एक विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया

कलयुग दर्शन (24×7)

अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)

सहारनपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश की आयुक्त, सहारनपुर के जिलाधिकारी और सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, जनपद में एक विशेष प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया है। इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य त्योहारों के समय बाजार में उपलब्ध खाद्य पदार्थों, विशेष रूप से व्रत और उपवास में उपयोग होने वाले “भोग प्रसाद” की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।नवरात्रि के अवसर पर कुट्टू के आटे, मखाना और चौलाई जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थों की मांग में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। इसी मांग का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्व मिलावटी या असुरक्षित सामग्री बाजार में उतारने का प्रयास करते हैं। सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) के नेतृत्व में विभिन्न खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (FSOs) ने जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में “ताबड़तोड़” छापेमारी की।
देवबंद रोड और ननौता क्षेत्र में कार्रवाई:
देवबंद रोड, ननौता से खाद्य पदार्थों की आपूर्ति ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में होती है। यहाँ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शिवनाथ सिंह द्वारा सघन निरीक्षण किया गया।
कार्यवाही का केंद्र: पवन सिंह पुत्र श्री राजेंद्र सिंह का खाद्य प्रतिष्ठान।
नमूना संकलन: श्री शिवनाथ सिंह ने उक्त प्रतिष्ठान से कुट्टू के आटे का एक नमूना संकलित किया।
उद्देश्य: कुट्टू के आटे की शुद्धता और उसकी ताजगी की जांच करना,
नगर पालिका परिषद गंगोह और लखनौती रोड पर प्रवर्तन
गंगोह क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री जगदंबा प्रसाद ने प्रभावी कार्रवाई किया। यहाँ व्यापारिक गतिविधियों की सघनता को देखते हुए दो प्रमुख स्थानों से नमूने लिए गए।
लखनौती रोड: यहाँ श्वेत गुप्ता (सरल कॉमर्स) के प्रतिष्ठान से कुट्टू के आटे का नमूना लिया गया।
नवीन मंडी, ननौता रोड: यहाँ सुरेश कुमार पुत्र श्री रामपाल के प्रतिष्ठान से कुट्टू के आटे का दूसरा नमूना संकलित किया गया।
जनता रोड पर मखाना की गुणवत्ता जांच
उपवास के दौरान मखाना (Fox Nut) एक अनिवार्य खाद्य सामग्री है। इसकी उच्च कीमत के कारण इसमें मिलावट या निम्न स्तर के मखाने को चमकाने के लिए अस्वास्थ्यकर रसायनों के उपयोग की संभावना बनी रहती है।

निरीक्षण अधिकारी: श्री सुमन पाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
प्रतिष्ठान: प्रमोद गोयल का खाद्य कारोबार, जनता रोड।
नमूना: मखाना का एक नमूना संकलित कर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया।
नागल क्षेत्र में प्रवर्तन कार्रवाई
नागल के मुख्य बाजार (मेन बाजार) में दो अधिकारियों ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों पर ध्यान केंद्रित किया।
श्री जवाहरलाल (FSO): उन्होंने मुख्य बाजार से कुट्टू के आटे का नमूना संकलित किया। कुट्टू के आटे पर विभाग का विशेष ध्यान इसकी “उच्च जोखिम” प्रकृति के कारण है।
श्री महेश कुमार (FSO): उन्होंने इसी बाजार से चौलाई (Amaranth) का एक नमूना लिया। चौलाई व्रत में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।
कुट्टू के आटे में विषाक्तता के कारण:कुट्टू (Buckwheat) वास्तव में एक अनाज नहीं बल्कि एक फल का बीज है। इसकी प्रकृति बहुत संवेदनशील होती है। जब इसे आर्द्र परिस्थितियों में संग्रहित किया जाता है, तो इसमें ‘एर्गोट’ जैसी फफूंद लग जाती है या यह ऑक्सीडाइज हो जाता है।,फंगल संक्रमण: फफूंदयुक्त कुट्टू से ‘अल्कलॉइड’ विषाक्तता हो सकती है, जिससे चक्कर आना, उल्टी, दस्त और शरीर का कांपना जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं ।पुराना स्टॉक: पिछले सीजन के बचे हुए कुट्टू के आटे को नए रैपर में पैक करके बेचना एक गंभीर अपराध है।

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