गंगा तट पर श्रीराम कथा का श्रवण करने से मनुष्य का बदल जाता है जीवन: स्वामी कैलाशानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)
दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। दक्षिण काली मंदिर में मार्यादा पुरुषोत्त भगवान श्रीराम की कथा का भक्ताओं और श्रद्धालुओं को श्रवण कराते हुए निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि गंगा तट पर श्रीराम कथा का श्रवण करने से मनुष्य का जीवन बदल जाता है परिवारों में सुख-समृद्धि का वास होता है। प्रभु श्रीराम के जीवन से समाज को प्रेरणा मिलती है कि भक्त भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने वाला व्यक्ति सदा प्रसन्न रहता है। उसका जीवन भव सागर से पार हो जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम जन-जन के आराध्य हैं। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की कथा का श्रवण करने से कल्याण और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग और ईश्वर भक्ति का मार्ग दिखाता है। जिससे धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि कलियुग में राम नाम का स्मरण ही मुक्ति का माध्यम है।

राम नाम की महिमा इतनी अपरंपार है कि राम नाम स्मरण करने मात्र से मानव के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण करने के साथ कथा से मिले ज्ञान को आचरण में धारण कर आदर्श समाज बनाने में सहयोग करें। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी के परम शिष्य स्वामी अविन्तानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि श्रीराम कथा का आज 4 दिन है। कथा में बड़ी सख्या में भगवान राम के भक्त पहंुच रहें है। कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहें है। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम की शरण में जाने से व्यक्ति का जीवन भवसागर से पार होता है। रामकथा सुनने मात्र से जीवन के सभी कष्ट और संशय दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में धर्म का पालन करने वाले प्रभु श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण से ही वास्तविक आनंद की प्राप्ति होती है।



