उत्तराखंड

अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, 18 चोरी की बाइक बरामद

कलयुग दर्शन (24×7)

सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। जनपद में लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए मंगलौर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 18 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इनमें हरिद्वार के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा से चोरी की गई बाइक भी शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी मंगलौर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह महर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थलों और संभावित मार्गों पर लगे 521 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और वाहन चोरी में पहले से शामिल अपराधियों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए बार-बार मास्क, कपड़े और हेयर स्टाइल बदलते थे, जिससे उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर लगातार निगरानी रखी।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद कीं। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से 16 अन्य चोरी की बाइक बरामद की गईं। इस प्रकार कुल 18 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद करने में पुलिस को सफलता मिली। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कोतवाली मंगलौर, कलियर शरीफ, भगवानपुर, झबरेड़ा, रुड़की सहित उत्तर प्रदेश के देवबंद और मुजफ्फरनगर तथा हरियाणा के पानीपत क्षेत्र से मोटरसाइकिलें चोरी की थीं। अन्य जनपदों से जुड़े मामलों की जानकारी संबंधित पुलिस इकाइयों को भेजी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हसीन पुत्र रईस तथा सोनू पुत्र अल्हादिया, निवासी ग्राम टांडा भनेड़ा, थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ वाहन चोरी, चोरी का माल रखने और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पैदल क्षेत्रों में पहुंचकर मौका मिलते ही मोटरसाइकिल चोरी कर फरार हो जाते थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में वाहन चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे गिरोहों पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।

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