उत्तराखंड

हरिद्वार में अपराध नियंत्रण पर सख्त हुए एसएसपी नवनीत सिंह, गैंगबाजी और अवैध हथियारों की रील्स पर कार्रवाई के निर्देश

कलयुग दर्शन (24×7)

सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में मई माह की अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में एसपी क्राइम/ट्रैफिक, एसपी सिटी, एसपी देहात समेत सभी क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान मई माह में घटित अपराधों, उनके खुलासों, लंबित विवेचनाओं, चारधाम यात्रा, सड़क सुरक्षा और आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने हाल ही में सामने आए बच्चा चोरी के तीनों चर्चित मामलों कनखल, कलियर और सिटी हरिद्वार के सफल खुलासे और बच्चों की सकुशल बरामदगी पर पुलिस टीमों की सराहना करते हुए उनकी पीठ थपथपाई। एसएसपी नवनीत सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कम उम्र के युवाओं द्वारा गैंग बनाकर किए जा रहे उत्पात पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि 20 से 22 वर्ष की आयु के युवकों द्वारा बनाई जा रही तथाकथित गैंगों पर थाना प्रभारी फोकस करें और उन्हें अपराध की राह से हटाकर सही दिशा देने का प्रयास करें। सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के साथ रील बनाकर धौंस जमाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को चिन्हित कर कानून के दायरे में लाया जाए ताकि समाज का माहौल खराब न हो।

बैठक में आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों को समय से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। एसएसपी ने सभी अधिकारियों को आवश्यक निर्माण, मरम्मत कार्यों तथा उपकरणों की मांग समय रहते भेजने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे अभियानों में और अधिक सक्रियता दिखाने की अपेक्षा जताई। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने में पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी सराहना की गई। एसएसपी ने कहा कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी हरिद्वार पुलिस के कार्यों की प्रशंसा हुई है। बैठक में डायल-112 से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण, ऑनलाइन शिकायतों को गंभीरता से लेने, महिला अपराधों में पीड़िताओं से सीधे संवाद स्थापित करने, स्कूलों के आसपास पुलिस उपस्थिति बढ़ाने तथा बैंक, सर्राफा बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, सत्यापन अभियान में तेजी लाने और वांछित अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध को होने से रोकना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार चेकिंग अभियान चलाने और कानून हाथ में लेने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

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