डिजिटल लेखन की प्रासंगिकता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

कलयुग दर्शन (24×7)
अमित वालिया (संवाददाता)
ऋषिकेश। भारतीय लेखक समाज (INSA), नई दिल्ली के तत्वावधान में श्री गीता आश्रम, ऋषिकेश में “डिजिटल युग में डिजिटल लेखन की प्रासंगिकता” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इससे पूर्व प्रतिभागियों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य का संदेश दिया। संगोष्ठी की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद जी महाराज ने की, जबकि मुख्य अतिथि डॉ. के. श्रीनिवासराव एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. दीपक गुप्ता रहे। द्वितीय सत्र की अध्यक्षता प्रो. सुशील उपाध्याय ने की। कार्यक्रम में प्रो. अवनीश कुमार, प्रो. देवेंद्र धूसिया एवं अरुण सिन्हा सहित कई विद्वानों ने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। संचालन डॉ. लवली ने किया।

मुख्य आकर्षण
• स्वामी अखिलेश्वरानंद ने लेखन, कोडिंग, गीता व रामायण के माध्यम से जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला।
• प्रो. दीपक गुप्ता ने गीता को उत्कृष्ट लेखन की प्रेरणा बताया।
• डॉ. सुरेश चंद्र ने भारतीय लेखक समाज की गतिविधियों की जानकारी दी।
• राजन पराशर ने मौलिक लेखन के महत्व पर जोर दिया।
• प्रो. देवेंद्र धूसिया ने कॉपीराइट एवं साहित्यिक चोरी पर जानकारी साझा की।
• प्रो. अवनीश कुमार ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
• डॉ. लवली ने लेखन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विचार रखे।



