उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के अधिकारों के संरक्षण का दिया आश्वासन

जितेन्द्र रघुवंशी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सौंपा अधिकार पत्र, सम्मान निधि में वृद्धि सहित कई मांगों पर हुई चर्चा

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

देहरादून। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने संगठन सचिव अनुराग सिंह गौतम एवं कार्यकारिणी सदस्य सुरेश चन्द्र सुयाल के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के हितों एवं अधिकारों के संरक्षण को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जितेन्द्र रघुवंशी ने मुख्यमंत्री को उनकी घोषणा “हरिद्वार में शहीद जगदीश वत्स स्वतंत्रता सेनानी सेवा सदन बनाएंगे” की याद दिलाते हुए इसके शीघ्र क्रियान्वयन का आग्रह किया। उन्होंने दोहरी पेंशन योजना के कारण स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को आ रही परेशानियों का समाधान करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को दी जाने वाली राशि किसी नौकरी के कारण नहीं, बल्कि सम्मान स्वरूप प्रदान की जाती है। इसलिए यदि ‘पेंशन’ शब्द के कारण कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न हो रही है तो इसका नाम बदलकर ‘सम्मान निधि’ किया जा सकता है। बैठक में सम्मान निधि में वृद्धि, उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में पंजाब सरकार की तर्ज पर स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के पौत्र-पौत्री, नाती-नातिन एवं पुत्रवधू को भी नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने की मांग रखी गई।

इसके साथ ही सचिव स्तर की बैठकें निर्धारित समय पर आयोजित करने, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जिलेवार जीवन परिचय प्रकाशित करने तथा उनकी जीवनियों को क्षेत्रवार पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया गया। रघुवंशी ने शहीद जगदीश वत्स की जयंती एवं पुण्यतिथि प्रदेश स्तर पर आयोजित करने तथा स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के बेरोजगार युवक-युवतियों को सरकारी सेवाओं में अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को अधिकार पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के अधिकारों एवं हितों का पूर्ण संरक्षण किए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने सौंपे गए अधिकार पत्र में उल्लिखित सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श कर आवश्यक कार्रवाई एवं उनके लागू किए जाने की दिशा में कार्य करने की बात कही।

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