उत्तराखंड

लावारिस शवों को हल्के में न लें, त्योहारी सीजन में बढ़ाएं पुलिस सक्रियता: एसएसपी

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सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। पुलिस कार्यालय रोशनाबाद स्थित सभागार में एसएसपी नवनीत सिंह की अध्यक्षता में जुलाई माह की अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में एसपी क्राइम निशा यादव, एसपी सिटी अभय सिंह, एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल समेत जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में पिछले माह हुई आपराधिक घटनाओं, उनके अनावरण, लंबित विवेचनाओं तथा पुलिस मुख्यालय और जनपद स्तर पर संचालित अभियानों की समीक्षा की गई। एसएसपी नवनीत सिंह ने अधिकारियों को आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कानून-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधों की रोकथाम के लिए थाना स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाना जरूरी है। विशेष रूप से लावारिस शवों के मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को सामान्य मानने से कई बार गंभीर अपराधों का खुलासा नहीं हो पाता। मृतक की शिनाख्त और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए सीमावर्ती जिलों एवं राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित करने तथा आवश्यक पत्राचार करने को कहा। थाना प्रभारियों को पुलिसकर्मियों की क्षमता और जिम्मेदारी के अनुरूप कार्य आवंटित करने तथा निर्धारित समय के बाद उनके कार्यों का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए।

लंबित विवेचनाओं को लेकर भी एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीओ को वर्ष 2023, 2024 और 2025 की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। रिपोर्ट में विवेचनाओं के लंबित रहने के कारण और निस्तारण में आ रही समस्याओं का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया। इनकी समीक्षा आगामी अगस्त माह की अपराध गोष्ठी में की जाएगी। त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजारों और वित्तीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने बैंक प्रबंधकों और सर्राफा व्यापारियों से समन्वय कर सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा सीसीटीवी कैमरों को चालू हालत में रखने को कहा। उन्होंने कहा कि त्योहारी दिनों में बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ लूट और डकैती जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। एसएसपी ने ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी थानों को रात्रि गश्त समय से रवाना करने तथा रात्रि अधिकारियों को गश्ती टीमों की सक्रियता सुनिश्चित करने को कहा। गंभीर मामलों में चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने से पहले विवेचकों को वैज्ञानिक साक्ष्यों का सही तरीके से अध्ययन करने की हिदायत दी गई। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता समाज को सुरक्षित बनाना और पीड़ित को न्याय दिलाना है। इसके लिए अपराध नियंत्रण के साथ-साथ विवेचना की गुणवत्ता को भी मजबूत करना जरूरी है।

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