छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने के मामले में शिक्षक सुनील कुमार बरी
चार साल चली सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी आरोपों से किया मुक्त

कलयुग दर्शन (24×7)
रविन्द्र कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने और यौन उत्पीड़न के आरोपों में मुकदमे का सामना कर रहे पन्नालाल भल्ला म्यूनिसिपल इंटर कॉलेज के प्रवक्ता सुनील कुमार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत में करीब चार वर्ष तक चली सुनवाई के दौरान आरोप साबित नहीं हो सके, जिसके बाद न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में शिक्षक सुनील कुमार ने बताया कि वर्ष 2021-22 में कॉलेज की एक पूर्व छात्रा ने उन पर अश्लील मैसेज भेजने और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तत्कालीन प्रधानाचार्य को शिकायत दी थी। प्रधानाचार्य ओपी गौनियाल ने शिकायत तत्कालीन विद्यालय प्रबंधक एवं नगर निगम आयुक्त दयानंद सरस्वती को सौंप दी थी। सुनील कुमार के अनुसार, विद्यालय प्रबंधन ने जांच समिति गठित कर दी थी। उनका आरोप है कि छात्रा के बयान लिए बिना ही राजनीतिक दबाव में उन्हें निलंबित कर दिया गया और हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया।

बाद में नगर निगम द्वारा गठित जांच समिति की जांच में आरोप सही नहीं पाए जाने पर उनका निलंबन समाप्त कर उन्हें पुनः सेवा में बहाल कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पूरा मामला पैसे के लेन-देन से जुड़ा था। उनके अनुसार, छात्रा ने अपनी मां की बीमारी के इलाज के लिए उनसे चार हजार रुपये लिए थे, जिनमें से दो हजार रुपये वापस कर दिए गए थे। छात्रा कक्षा 12 की परीक्षा में असफल होने के बाद टीसी लेने कॉलेज पहुंची थी। इसी दौरान बकाया राशि वापस मांगने पर उनके खिलाफ षड्यंत्र के तहत शिकायत दर्ज कराने का आरोप सुनील कुमार ने लगाया। सुनील कुमार ने कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में करीब चार वर्ष चली सुनवाई के दौरान उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित नहीं हो सके। अदालत द्वारा सभी आरोपों से बरी किए जाने के बाद उन्होंने न्यायालय का आभार जताते हुए कहा कि अंततः सच्चाई की जीत हुई है।



