उत्तराखंड

तीर्थ क्षेत्रों में गैर-हिंदुओं की जमीन खरीद पर रोक की मांग

तीर्थ परिषद के गठन और कुंभ क्षेत्र में स्थायी व्यवस्थाएं विकसित करने पर दिया जोर

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। अंतर्राष्ट्रीय संत महासभा एवं हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने हिंदू हितों के संरक्षण और तीर्थ क्षेत्रों की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान संत महासभा के संरक्षक मदन महाराज ने कहा कि हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित देवभूमि के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर गैर-हिंदुओं द्वारा जमीन खरीदने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप लगातार बढ़ रहा है। सरकार को असामाजिक तत्वों पर प्रभावी रोक लगाने के साथ ही सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जनसांख्यिकीय बदलाव की आशंका जताते हुए हिंदू समाज से भी जागरूक रहने का आह्वान किया। मदन महाराज ने तीर्थ क्षेत्रों की धार्मिक व्यवस्था और मर्यादा के लिए तीर्थ परिषद के गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि परिषद में तीर्थ पुरोहितों, मठ-मंदिर संचालकों, जनप्रतिनिधियों और अखाड़ों के धार्मिक गुरुओं को शामिल किया जाए तथा संबंधित विभागों को परिषद के समन्वय में कार्य करना चाहिए।

महंत गोपाल गिरी महाराज ने कहा कि आगामी कुंभ मेले की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के साथ अधिक से अधिक स्थायी निर्माण किए जाने चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को लंबे समय तक सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कुंभ क्षेत्र में संत-महापुरुषों के लिए बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर करने तथा तीर्थ स्थलों की धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला सनातन परंपराओं का केंद्र बिंदु है। प्रेसवार्ता में योगेंद्र वर्मा, उर्मिला यादव, आचार्य अजय कृष्णा, विजय पांडे, विश्वास भार्गव, साक्षी वर्मा, अमरीश त्यागी, दीपक कुमार, पंकज कुमार, अशोक शर्मा, शिवम शर्मा, बृजेश शर्मा, योग ठाकुर, मनोहर ठाकुर और तनु त्यागी सहित अन्य मौजूद रहे।

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