उत्तराखंड

अनंत चतुदर्शी पर भगवान विष्णु की पूजा अर्चना से दूर होते हैं कष्ट: स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ

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राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। अनंत चतुदर्शी के अवसर पर भूपतवाला स्थित भूमा निकेतन पीठ में विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया। अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शामिल हुए। श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि अनंत चतुदर्शी का पर्व भगवान विष्णु के अनंत स्वरूपों की आराधना का पर्व है। इस दिन विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से जीवन के सभी कष्ट और पाप नष्ट हो जाते हैं। परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के बताने पर पांडवों ने भी अनंत चतुदर्शी का व्रत और पूजन किया था।

व्रत और पूजन के प्रभाव से पांडवों को उनका राज्य और सम्मान वापस मिला। उन्होंने बताया कि पूजन के बाद भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए अनंत सूत्र धारण किया जाता है। अनंत सूत्र में चौदह गांठ लगायी जाती हैं, जो कि भगवान विष्ण के विभिन्न नामों और स्वरूपों का प्रतीक हैं। स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ ने कहा कि सभी को अपने गुरूजनों के सानिध्य में धार्मिक क्रियाकलापों का आयोजन करना चाहिए। गुरूजनों के सानिध्य में किए गए धार्मिक क्रियाकलापों से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे और स्वामी अच्यूतानंद तीर्थ से आशीर्वाद लिया। प्रबंधक राजेंद्र शर्मा ने सभी अतिथीयों और श्रद्धालु भक्तों का स्वागत किया।

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