गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग पर यूकेडी का भराड़ीसैंण कूच
केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, सरकार पर लगाए जनता को गुमराह करने के आरोप

कलयुग दर्शन (24×7)
नरेश मित्तल (संवाददाता)
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर भराड़ीसैंण कूच किया। केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अस्थायी विधानसभा का घेराव कर स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग उठाई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी और प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र से दल के वरिष्ठ नेता एवं प्रत्याशी पंकज व्यास ने कहा कि उत्तराखंड का दुर्भाग्य है कि प्रदेश में आने वाली सरकारें राजधानी के मुद्दे पर जनता को गुमराह करती रही हैं। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के नाम पर भी प्रदेश की जनता के साथ छलावा किया जा रहा है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मामले में कथित वीआईपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और इसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ेगा। केंद्रीय अध्यक्ष व्यापार प्रकोष्ठ सुमित अरोड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में यूकेडी कार्यकर्ताओं को जगह-जगह रोककर राज्य सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि तमाम बंदिशों के बावजूद कार्यकर्ताओं ने लंबी दूरी तक पैदल मार्च कर विधानसभा का घेराव किया और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग बुलंद की।

केंद्रीय महामंत्री देवेंद्र चमोली ने कहा कि अब उत्तराखंड का भविष्य युवा तय कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 में यूकेडी प्रदेश में अपनी सरकार बनाएगी। इस दौरान युवा केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी, अनुशासन समिति अध्यक्ष राकेश सेमवाल, केंद्रीय उपाध्यक्ष व्यापार प्रकोष्ठ संतोष पैनोली, केंद्रीय महामंत्री व्यापार प्रकोष्ठ संदीप अग्रवाल, केंद्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, नारायण सिंह राणा, केंद्रीय संगठन मंत्री सोडन कुड़ियाल, पूर्व हरिद्वार कार्यकारी जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह बिष्ट, आशीष अग्रवाल, हरिद्वार महानगर अध्यक्ष सागर प्रजापति, हरिद्वार विधानसभा प्रभारी रोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में यूकेडी कार्यकर्ता मौजूद रहे।



