उत्तराखंड

दीपावली से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, पांच खाद्य पदार्थों के नमूने लिए

कलयुग दर्शन (24×7)

सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। आगामी दीपावली पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में मिष्ठान निर्माण इकाइयों और डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से घी, दूध, पेठा, बताशा और खिलौना सहित कुल पांच विधिक नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए। वहीं, आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर दो निर्माण इकाइयों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड विनय शंकर पांडे तथा जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में 31 अक्टूबर को सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा ने झंडा चौक, पीठ बाजार ज्वालापुर स्थित किसान डेयरी से घी और गाय के दूध के दो विधिक नमूने लिए। इसके अलावा ईदगाह रोड, पांवधोई ज्वालापुर स्थित पेठा निर्माण इकाई का आकस्मिक निरीक्षण कर पेठे का एक नमूना संग्रहित किया गया। निरीक्षण के दौरान इकाई संचालक पेयजल जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल और खाद्य पदार्थों की जांच से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके।

इस पर संचालक को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, डांट मोहल्ला ज्वालापुर स्थित बताशा एवं खिलौना निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया। यहां से बताशा और खिलौना के दो विधिक नमूने जांच के लिए लिए गए। इस प्रतिष्ठान के संचालक भी पेयजल जांच रिपोर्ट, खाद्य सामग्री की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और पेस्ट कंट्रोल संबंधी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। विभाग ने संबंधित संचालक को भी सात दिनों के भीतर सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का नोटिस जारी किया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार दीपावली पर्व को देखते हुए मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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