उत्तराखंड

कुंभ-2027 से पहले गंगा घाटों का जीर्णोद्धार तेज, सुरक्षा व्यवस्था पर जोर

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत हरिद्वार में गंगा घाटों के जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जा रही है। गंगा नहर बंदी के दौरान जलमग्न रहने वाले घाटों के हिस्सों की मरम्मत प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बुधवार को यूआईआईडीबी की हरकी पैड़ी एवं रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास योजना के तहत चल रहे घाटों के जीर्णोद्धार कार्यों और हाथीपुल की मरम्मत का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपीडीसीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहर बंदी की अवधि का अधिकतम उपयोग करते हुए जलमग्न हिस्सों की मरम्मत जल्द पूरी की जाए, ताकि कुंभ से पहले सभी घाट श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकें। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी ने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त ऊंचाई और मजबूती वाली रेलिंग व चेन लगाने को कहा। साथ ही मौके पर स्थापित रेलिंग की मजबूती और गुणवत्ता भी परखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। इसके बाद उन्होंने हाथीपुल पर चल रहे मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पुल पर निर्धारित ऊंचाई तक सुरक्षा रेलिंग लगाने का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही पुल के प्रवेश स्थल और स्तंभों पर स्थापित मूर्तियों की मरम्मत, सौंदर्यीकरण और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

अपर मेलाधिकारी ने यूपीडीसीसी के अधिकारियों के साथ विष्णुघाट, कुशावर्त घाट, गौ घाट, सुभाष घाट और मालवीय द्वीप क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों पर क्षतिग्रस्त टाइल्स और पत्थरों को जल्द बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई टाइल्स और पत्थरों के रंग, आकार एवं स्वरूप में पहले से मौजूद निर्माण के अनुरूप एकरूपता रखी जाए, ताकि घाटों का मूल स्वरूप और सौंदर्य बरकरार रहे। उन्होंने सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्धारित समयसीमा में पूरे करने के निर्देश देते हुए कहा कि नहर बंदी के दौरान मरम्मत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कुंभ मेला शुरू होने से पहले घाटों और पुलों को श्रद्धालुओं की आवाजाही एवं स्नान के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान मेला कार्यालय की तकनीकी सेल के अधीक्षण अभियंता मनोज भट्ट, यूपीडीसीसी के परियोजना प्रबंधक सुमित मलवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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