उत्तराखंड

त्योहारों पर सुरक्षा को लेकर अलर्ट, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

हरिद्वार। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा एवं ईगास-बग्वाल के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को जारी आदेश में बताया कि 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दीपावली, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भैयादूज, 14 एवं 15 नवंबर को छठ पूजा तथा 20 नवंबर को ईगास-बग्वाल का पर्व मनाया जाएगा। इन अवसरों पर बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहेगी। ऐसे में सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए जाएं। डीएम ने खाद्य पदार्थों में थूकने जैसी घटनाओं और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली भ्रामक सामग्री को गंभीरता से लेते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सत्यापन अभियान चलाने, सीसीटीवी कैमरों का प्रभावी उपयोग करने तथा किसी भी आपत्तिजनक घटना पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।

साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ती है। विशेषकर धनतेरस एवं दीपावली पर महिलाओं की आवाजाही को देखते हुए यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। महिलाओं के साथ छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग, लूट एवं अन्य आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। जुलूस एवं शोभायात्राओं के दौरान यातायात बाधित न हो तथा मंदिरों के आसपास भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। छठ पूजा को लेकर जिलाधिकारी ने नदी एवं तालाबों के किनारे स्थित घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना या भगदड़ की स्थिति उत्पन्न न हो। पटाखों की दुकानों एवं भंडारण को लेकर भी डीएम ने सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि आतिशबाजी की दुकानों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर खुले मैदानों में सीमित संख्या में अनुमति दी जाए। दुकानों एवं गोदामों की नियमानुसार जांच की जाए तथा अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। बिना सुरक्षा व्यवस्था के किसी भी दुकान को अनुमति न दी जाए। अवैध रूप से पटाखों का भंडारण और मिलावटी पटाखों की बिक्री करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं नकली उत्पाद बेचने वालों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने जुए के कारण विवाद, पटाखों को लेकर विभिन्न समुदायों के बीच तनाव, बिजली आपूर्ति बाधित होने तथा बाजारों में अतिक्रमण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकने के लिए संबंधित विभागों को पहले से तैयारी करने को कहा। उन्होंने संवेदनशील एवं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, विशेषकर कनखल, रुड़की, ज्वालापुर और बहादराबाद में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए जिलाधिकारी ने धार्मिक स्थलों, सैन्य संस्थानों, स्कूलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पार्किंग स्थलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने को कहा। किसी भी संदिग्ध वस्तु अथवा गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साम्प्रदायिक घटना या अन्य अप्रिय स्थिति की सूचना पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करें। उन्होंने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रखते हुए अफवाहों का तत्काल खंडन करने तथा जनपदीय अभिसूचना इकाई को गोपनीय तरीके से निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उपजिलाधिकारियों एवं पुलिस उपाधीक्षकों को त्योहारों से पहले सुरक्षा संबंधी तैयारियां पूरी करने को कहा। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर जिलाधिकारी, नगर निगम हरिद्वार एवं रुड़की, विद्युत विभाग, अग्निशमन विभाग, परिवहन विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, जल संस्थान, पेयजल निगम तथा नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारियों को भी अपने-अपने विभाग से संबंधित व्यवस्थाएं समय से दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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