बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व: हरिद्वार में कड़ा ट्रैफिक प्लान लागू, भारी वाहनों पर रोक

कलयुग दर्शन (24×7)
सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने शहर में व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन उपलब्ध कराना है। ट्रैफिक व्यवस्था के प्रमुख बिंदुयातायात दबाव बढ़ने पर भारी वाहनों को बॉर्डर पर ही रोका जाएगा। नगला इमरती से वाहनों को डायवर्ट कर बैरागी कैम्प पार्किंग में रोका जाएगा। चीला मार्ग केवल ऋषिकेश की ओर निकासी (एक्जिट) के लिए रहेगा। सामान्य स्थिति में वाहन गुरुकुल कांगड़ी- सिंहद्वार- शंकराचार्य चौक मार्ग से शहर में प्रवेश करेंगे। टोल प्लाजा पर दबाव बढ़ने पर नहर पटरी मार्ग से वाहनों की निकासी होगी। देहरादून/ऋषिकेश जाने वाली प्राइवेट बसों को जरूरत पड़ने पर मोहण्ड मार्ग से भेजा जाएगा।

मुख्य रूट और पार्किंग प्लानदिल्ली- मेरठ- मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनरूट- नारसन- मंगलौर- कोर कॉलेज- गुरुकुल कांगड़ी- शंकराचार्य चौक- हरिद्वारपार्किंग- अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप, चमकादड़ टापू अधिक दबाव पर वैकल्पिक रूट- नगला इमरती- लक्सर- फेरूपुर- जगजीतपुर- एसएम तिराहा- शनिचौकपार्किंग- बैरागी कैम्पनजीबाबाद/मुरादाबाद से आने वाले वाहनछोटे वाहन- चिड़ियापुर- श्यामपुर- चंडीचौकीबड़े वाहन- डायवर्जन मार्ग सेपार्किंग- दीनदयाल, पंतद्वीप, गौरीशंकर, नीलधारा देहरादून/ऋषिकेश से आने वाले वाहनरूट- नेपाली फार्म- रायवाला- हरिद्वार पार्किंग- लाल जीवाला, पंतद्वीप, चमकादड़ टापूदिल्ली/मेरठ जाने वाले:रायवाला- चंडीचौक- NH-334 नजीबाबाद जाने वाले- रायवाला- चंडीचौक- श्यामपुरऑटो/ विक्रम के लिए विशेष व्यवस्थाऋषिकेश की ओर से आने वाले ऑटो केवल जयराम मोड़ तक ही आएंगे। ज्वालापुर/जटवाड़ा से आने वाले वाहन रानीपुर मोड़- देवपुरा से डायवर्ट रहेंगे। बीएचईएल क्षेत्र के वाहन भगत सिंह चौक- टिबड़ी फाटक- देवपुरा मार्ग से चलेंगे। ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी ऑटो/टैक्सी का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। 30 अप्रैल की रात 12 बजे से स्नान पर्व समाप्ति तक हरिद्वार शहर में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि निर्धारित रूट प्लान का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और पुलिस का सहयोग करें ताकि स्नान पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो सके।



