गुरू ही शिष्य के जीवन को दिशा देते हैं: स्वामी राजराजेश्वराश्रम
स्वामी श्यामसुंदर महाराज ने लिया शंकराचार्य स्वामी राजरोश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। श्यामपुर कांगड़ी स्थित श्री श्याम बैकुंठ धाम के परमाध्यक्ष स्वामी श्यामसुंदर महाराज ने कनखल स्थित जगद्गुरू आश्रम पहुंचकर शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद लिया। शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरू को ईश्वर के समकक्ष स्थान दिया गया है। व्यक्ति किसी भी कार्य क्षेत्र में हो। सफलता गुरू के सानिध्य में ही मिलती है। गुरू ही शिष्य को ज्ञान दीक्षा प्रदान कर उसके जीवन को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी को अपने गुरू का आदर सम्मान करना चाहिए।

गुरू का आदर सम्मान करने वाला व्यक्ति ही जीवन पथ पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ता है। स्वामी श्यामसुंदर महाराज ने कहा कि गुरु वह दीपक है जो अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। जीवन में हमेशा मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है। गुरू ही वह व्यक्ति हैं जो सच्चा मार्गदर्शन प्रदान कर शिष्य की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। बिना गुरू के मनुष्य हमेशा अधूरा है। गुरू के मार्गदर्शन में ही जीवन को पूर्णता प्राप्त होती है।



