उत्तर प्रदेश

सहारनपुर में सैनी समाज का शक्ति प्रदर्शन, सामाजिक चेतना व राजनीतिक संगोष्ठी में उमड़ा जनसैलाब

वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. धर्मसिंह सैनी का भव्य स्वागत, युवाओं से राजनीति में आगे आने का आह्वान

कलयुग दर्शन (24×7)

अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)

सहारनपुर। ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के तत्वावधान में रविवार को दिल्ली रोड स्थित फुलवारी गार्डन में सामाजिक चेतना एवं राजनीतिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सैनी समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा, युवा नेतृत्व, राजनीतिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण तथा समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिलबाग सिंह सैनी ने की, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. धर्मसिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान डॉ. धर्मसिंह सैनी को ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज का वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने पर समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाज के लोगों ने डॉ. धर्मसिंह सैनी को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। उन्हें पगड़ी पहनाई गई तथा तलवार भेंट की गई। ढोल-नगाड़ों और नारों के बीच हुए भव्य स्वागत से कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल बना रहा। आयोजकों ने कहा कि डॉ. धर्मसिंह सैनी को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से समाज के लोगों में उत्साह है तथा उनके सामाजिक और राजनीतिक अनुभव का लाभ संगठन को मिलेगा।


युवाओं को राजनीति में आगे आने का आह्वान
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. धर्मसिंह सैनी ने समाज के युवाओं से राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करने के लिए युवाओं को बढ़-चढ़कर राजनीति में आगे आना होगा। किसी भी समाज की मजबूती केवल उसकी संख्या से तय नहीं होती, बल्कि शिक्षा, संगठन, सामाजिक एकता और राजनीतिक जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग शिक्षित और जागरूक होकर नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेगा तो समाज की समस्याओं और जरूरतों को उचित मंच तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझते हुए ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा और संसद तक राजनीतिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनहित और जरूरतमंद वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाना भी है। डॉ. धर्मसिंह सैनी ने युवाओं से शिक्षा के साथ नेतृत्व क्षमता विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सामाजिक माध्यमों का उपयोग सामाजिक जागरूकता, रोजगार, शिक्षा तथा जनहित के कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में शिक्षा को समाज के विकास का प्रमुख आधार बताया गया।

वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक परिवार को बच्चों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई प्रतिभाशाली बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समाज के सक्षम लोगों को सहयोग के लिए आगे आना चाहिए। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। बेटियों की शिक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने को समाज के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां परिवार के साथ-साथ समाज की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिलबाग सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से समझ सकता है। शिक्षा में किया गया निवेश आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को मजबूत करता है। संगोष्ठी में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई गई। डॉ. धर्मसिंह सैनी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की। डॉ. धर्मसिंह सैनी ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और मृत्यु भोज जैसी परंपराओं में होने वाली फिजूलखर्ची को समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को आर्थिक लेन-देन और दिखावे से जोड़ना उचित नहीं है।

युवाओं को दहेज रहित विवाह को बढ़ावा देना चाहिए और सामाजिक बदलाव की शुरुआत अपने परिवार से करनी चाहिए। मृत्यु भोज के संबंध में उन्होंने कहा कि किसी परिवार में मृत्यु के बाद परिजन पहले से ही भावनात्मक और आर्थिक संकट से गुजर रहे होते हैं। ऐसे समय में अनावश्यक खर्च का दबाव परिवार की परेशानियों को और बढ़ा सकता है। उन्होंने समाज के लोगों से इस प्रकार की फिजूलखर्ची को समाप्त करने के लिए सामूहिक पहल करने का आह्वान किया। संगोष्ठी में महिलाओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक अवसर दिए जाने चाहिए। डॉ. धर्मसिंह सैनी को वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किए जाने के बाद समाज के लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने उनका अभिनंदन किया। आयोजकों ने कहा कि डॉ. धर्मसिंह सैनी के सामाजिक एवं राजनीतिक अनुभव से संगठन की गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के समापन पर आयोजक मंडल की ओर से सभी अतिथियों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी शिक्षा, सामाजिक एकता, युवा नेतृत्व और सामाजिक सुधार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगोष्ठी का समापन समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने, युवाओं को नेतृत्व के लिए आगे बढ़ाने, नशे से दूर रहने तथा दहेज और मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होककार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

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