उत्तराखंड

पुण्यतिथि पर संत समाज ने साकेतवासी स्वामी रामकृष्ण दास महाराज को किया नमन

त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे स्वामी रामकृष्ण दास महाराज: स्वामी अमृतदास महात्यागी

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राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। चित्रकूट धाम भूपतवाला के महंत परमेश्वरदास महाराज के गुरु साकेतवासी स्वामी रामकृष्ण दास महाराज की तीसरी पुण्यतिथि पर संत समाज ने उनका भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए। महंत परमेश्वरदास महाराज के संयोजन में आयोजित पुण्यतिथि समारोह की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी अमृतदास महाराज महात्यागी ने की। स्वामी अमृतदास महाराज ने कहा कि साकेतवासी स्वामी रामकृष्ण दास महाराज त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे। महंत परमेश्वरदास महाराज सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें स्वामी रामकृष्ण दास महाराज जैसे पुण्यात्मा का गुरु के रूप में सानिध्य प्राप्त हुआ। महंत परमेश्वरदास महाराज ने संत-महापुरुषों, अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें धर्म-संस्कृति के विद्वान एवं मूर्धन्य संत स्वामी रामकृष्ण दास महाराज से शिक्षा-दीक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि गुरुदेव से प्राप्त शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए आश्रम की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाना ही उनका लक्ष्य है। बाबा हठयोगी ने कहा कि गुरु के प्रति आस्था, श्रद्धा और विश्वास रखने वाले शिष्य का कल्याण अवश्य होता है।

महंत परमेश्वरदास महाराज की गुरु के प्रति आस्था से प्रेरणा लेते हुए सभी को अपने सद्गुरु के सानिध्य में मानव कल्याण के कार्यों में योगदान देना चाहिए। महंत रघुवीर दास ने कहा कि साकेतवासी स्वामी रामकृष्ण दास महाराज संत समाज के प्रेरणास्रोत थे। सभी को उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए मानव सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी रमेंद्र दास, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत गोविंद दास, स्वामी सुतीक्ष्ण मुनि, महंत बिहारी शरण, महंत अंकित शरण, महंत अरुण दास, महंत नारायण दास पटवारी, स्वामी सीताराम दास, स्वामी सर्वेश्वर दास, स्वामी पवन दास, स्वामी अनिल दास, स्वामी कृष्ण दास, स्वामी बालकदास त्यागी, सखी बाबा, रामजानकी दास, माता रामदास, स्वामी विशाल दास, स्वामी शिवस्वरूप, महंत सूरज दास, महंत छोटन दास, महंत मुरारी दास सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

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