कृष्णानंद गिरी बने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर
महामंडलेश्वर केवल पद नही, सनातन के संरक्षण संवर्द्धन का महत्वपूर्ण दायित्व है: श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में वीरभद्र मंदिर में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह में जापान के संत महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी महाराज के शिष्य स्वामी महादेवानंद गिरी एवं स्वामी कृष्णानंद गिरी को निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गयी। निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर और सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूषों ने स्वामी महादेवानंद गिरी एवं स्वामी कृष्णानंद गिरी को तिलक चादर प्रदान कर महामंडलेश्वर पद पर अभिषिक्त किया और पुष्पवर्षा कर शुभकामनाएं दी। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी महादेवानंद गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद गिरी को आशीर्वाद और शुभकामनाएं प्रदान करते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि अखाड़ा परंपरा में महामंडलेश्वर केवल एक पद नही, बल्कि सनातन के संरक्षण संवर्द्धन का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद और संत समाज को पूरा विश्वास है कि महामंडलेश्वर स्वामी महादेवानंद गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद गिरी अपने गुरू महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी महाराज के नेतृत्व में निरंजनी अखाड़े की परंपरांओं को आगे बढ़ाते हुए जापान में सनातन के प्रचार प्रसार में योगदान करेंगे। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने भी महामंडलेश्वर महादेवानंद गिरी और महामंडलेश्वर कृष्णानंद गिरी को शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परंपरा और संत परंपरा का पालन करते हुए सनातन के उत्थान में योगदान दें।

पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने भी दोनों नवनियुक्त महामंडलेश्वर को शुभकामनाएं दी। निंरजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी व महंत दर्शन भारती ने कहा कि दुनिया के तमाम देशों में लोग सनातन संस्कृति को अपना रहे हैं। महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी के शिष्य महामंडलेश्वर स्वामी महादेवानंद गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद गिरी जापान में सनातन के प्रचार प्रसार को गति देने का काम करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी ने महामंडलेश्वर स्वामी महादेवानंद गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद गिरी को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति विश्व की श्रेष्ठ संस्कृति है। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी महादेवानंद गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद गिरी ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में संत परंपरांओं का पालन करते हुए निरंजनी अखाड़े की उन्नति में योगदान करेंगे और जापान में श्रद्धालु भक्तों को सनातन संस्कृति से जोड़ने का काम करेंगे। इस अवसर पर महामंडलेश्वर साध्वी भगवती पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी, महंत राज गिरी, महंत भूपेंद्र गिरी, साध्वी ओशो माता, महंत गंगा गिरी, स्वामी अनंतानंद, स्वामी रामानुज सरस्वती, स्वामी हरिवल्लभदास शास्त्री, कथाव्यास आनंद स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत महंत मौजूद रहे।



