रामपुर तिराहा शहीद स्मारक का होगा विस्तार: सीएम धामी
शहीद राज्य आंदोलनकारियों की पैतृक गांवों में स्थापित होंगी प्रतिमाएं

कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रामपुर तिराहा स्थित शहीद स्थल पर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर बलिदानियों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अभी तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी। रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर की पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी बनाने और संग्रहालय के विस्तार की भी घोषणा की। संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।

राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। आश्रित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल कर तहसील स्तर पर प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड में शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं की स्थापना के लिए 27 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। साथ ही रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण एवं विस्तार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 1 और 2 अक्टूबर 1994 की रात रामपुर तिराहा में दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ हुई घटना उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय है।

आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही उत्तराखंड पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, मधु भट्ट, सुभाष बड़थ्वाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।



