
कलयुग दर्शन (24×7)
आशु (संवाददाता)
रुड़की। गणपति विहार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास आचार्य स्वास्तिक जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की लीलाएं जीवन में सरलता, वात्सल्य और भक्ति का भाव जागृत करती हैं। उनकी लीलाओं से अधर्म के विनाश तथा सत्य, प्रेम, करुणा और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का नाश कर यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति में विनम्रता का भाव होना चाहिए। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण कर भावविभोर हो गए।

पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कथा में पहुंचकर आचार्य स्वास्तिक जी महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि कलयुग में श्रीमद्भागवत कथा का विशेष महत्व है। इसके श्रवण से मनुष्य को सुख, शांति और भक्ति की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर आयोजक रमेश चंद्र शर्मा, यशपाल सिंह, विकास पोसवाल, ब्रज मोहन त्यागी, सुभाष यादव, गोपाल सैनी, पवन त्यागी, ज्ञानेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



