विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज, 29 कार्यों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद में निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए 29 कार्यों के अंतर्गत नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। इस संबंध में आदेश जारी कर अधिकारियों को उनके कार्य एवं दायित्व सौंप दिए गए हैं। निर्वाचन की तैयारियों के तहत मतदान एवं मतगणना कार्मिक व्यवस्था, प्रशिक्षण, मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं, सेक्टर व्यवस्था, ईवीएम एवं वीवीपैट प्रबंधन, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम (स्वीप), परिवहन एवं यातायात व्यवस्था, मतपत्र एवं डाक मतपत्र, नियंत्रण कक्ष और शिकायत निवारण प्रणाली सहित विभिन्न कार्यों के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र को मतदान एवं मतगणना कार्मिक व्यवस्था तथा मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया है। अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता को मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं और निर्वाचन परिवहन व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ईवीएम एवं वीवीपैट प्रबंधन, प्रशिक्षण, खानपान, पेयजल, सफाई, प्रकाश, टेंट, फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी संबंधित विभागों के अधिकारियों को नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त आदर्श आचार संहिता, निर्वाचन व्यय की निगरानी, मीडिया एवं सूचना व्यवस्था, आईटी एप्लीकेशन, निर्वाचक नामावली, आबकारी एवं मदिरा निगरानी, कानून एवं व्यवस्था, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान, दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा, मतदान कार्मिकों के कल्याण और मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति सहित अन्य कार्यों के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए निर्वाचन संबंधी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करें तथा प्रगति की जानकारी नियमित रूप से जिला निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।



