50 लाख का नाला बना भ्रष्टाचार की नाली, ठेकेदार की दबंगई, अफसरों की चुप्पी ने डुबोया विकास
वार्ड 63 सहारनपुर में खुलेआम कमीशनखोरी से जनता आक्रोशित, स्मार्ट सिटी पर उठे सवाल

कलयुग दर्शन (24×7)
अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर के वार्ड 63 में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार का नंगा नाच सामने आया है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से बन रहा नाला अब विवादों में घिर गया है। स्थानीय लोगों ने ठेकेदार और निगम अधिकारियों पर भारी कमीशनखोरी और घटिया निर्माण के आरोप लगाए हैं। निवासियों का कहना है कि ठेकेदार ने तकनीकी मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया है। पानी भरे नाले में ही सीमेंट और सरिया डालकर काम चलाया जा रहा है। जहां 4 इंच की मजबूत सरिया जाल और 6 इंच मोटी बजरी-सीमेंट की परत होनी चाहिए थी, वहां केवल एक-एक सरिया खड़ी कर दी गई है। लोगों का कहना है कि नाले की नींव कमजोर और अधूरी है। ऐसे में यह निर्माण कुछ ही महीनों में ढह सकता है।

इसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी मौन हैं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने पर ठेकेदार धमकाने पर उतर आता है। उसका कहना है कि जब 52 प्रतिशत कमीशन में पैसा बंटता है, तो 100 प्रतिशत काम कैसे होगा?” लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने खुद बताया कि “3 प्रतिशत पार्षद, 7 प्रतिशत मेयर और बाकी हिस्सा छोटे-बड़े अधिकारियों तक जाता है।” कथित भ्रष्टाचार की यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जिन लोगों ने आवाज़ उठाई, उनके घर और दुकानों के आगे कूड़ा फेंक दिया गया, रास्ते बंद कर दिए गए। अब वार्ड के लोग खुलेआम भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। जनता का सवाल “स्मार्ट सिटी या घोटाला सिटी?” वार्ड 63 के निवासियों का कहना है कि यदि इस प्रकार से विकास कार्यों में भ्रष्टाचार होता रहा, तो स्मार्ट सिटी का सपना कभी साकार नहीं होगा। जनता की आवाज़ अब यही कहती है “नगर निगम में विकास नहीं, कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। सवाल यह है कि जब हर स्तर पर हिस्सा तय है, तो ईमानदारी की उम्मीद कहां से करें?”
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