कफ सिरप के काले कारोबार से दो भाइयों ने कमाए 200 करोड़, एसटीएफ ने किया बड़ा खुलासा

कलयुग दर्शन (24×7)
अबलीश कुमार (सहारनपुर संवाददाता)
सहारनपुर, लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फेंसेडिल और कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब किया है। इस गिरोह से जुड़े दो सगे भाई – विभोर राणा और विशाल सिंह समेत चार लोगों को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल, दस कारतूस, चार मोबाइल फोन और भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद हुए हैं।

एसटीएफ को इनपुट मिला था कि फेंसेडिल कफ सिरप का अवैध भंडारण कर इसे नशे के रूप में इस्तेमाल के लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और यहां तक कि बांग्लादेश तक तस्करी किया जा रहा है। जांच में पता चला कि विभोर राणा और विशाल सिंह ने वर्ष 2018 में ‘जीआर ट्रेडिंग’ नाम से फर्म बनाकर एबॉट कंपनी से सुपर डिस्ट्रीब्यूशनशिप ली थी। इसके बाद फर्जी फर्मों के जरिए असली रिटेलर्स को दवा देने के बजाय नशे के कारोबारियों को ऊंचे दामों पर सप्लाई की जाती थी।

मंगलवार को एसटीएफ ने सहारनपुर में छापा मारकर बिट्टू और सचिन को सदर बाजार थाना क्षेत्र के कचहरी रोड से तथा विभोर राणा और विशाल सिंह को शास्त्रीनगर स्थित एक निजी अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी शास्त्रीनगर और अनमोल विहार कॉलोनी के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि इस अवैध धंधे से उन्होंने अब तक करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है।

गौरतलब है कि विभोर राणा को वर्ष 2022 में एनसीबी, वेस्ट बंगाल ने भी गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि एबॉट कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें दवा की आपूर्ति होती थी। चारों को एसटीएफ टीम लखनऊ लेकर गई, जहां थाना सुशांत गोल्फ सिटी में एफआईआर संख्या 182/2024, धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 34, 201 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। राणा परिवार की संपत्तियों की जांच की तैयारी, सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ अब राणा परिवार की संपत्तियों और जमीनों की जांच कर सकती है।

बताया जा रहा है कि पिछले चार वर्षों में राणा परिवार ने कई जमीनों की खरीद-फरोख्त की है, जिनमें कई संदिग्ध लेन-देन भी सामने आए हैं। विभोर राणा, जो स्वयं को ‘श्री राम सेना’ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताता है, पहले भी विदेश भागने के प्रयास में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया जा चुका है। उधर, गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में भी इसी तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ मुकदमा संख्या 691/2025 दर्ज किया गया था, जिसमें सहारनपुर का अभिषेक शर्मा भी आरोपी है।

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