उत्तराखंड

ग्रामीण के घर में घुसा मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

कलयुग दर्शन (24×7)

नरेश मित्तल (संवाददाता)

हरिद्वार। जनपद के लक्सर क्षेत्र स्थित ग्राम डौसनी में शुक्रवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मगरमच्छ अचानक एक ग्रामीण के घर में घुस आया। घर में मगरमच्छ दिखाई देने से परिवार के लोग दहशत में आ गए और आसपास के ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलते ही लक्सर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बेहद सावधानी तथा कुशलता के साथ मगरमच्छ का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 4.30 बजे ग्राम डौसनी निवासी मदनपाल पुत्र जसवंत सिंह के घर में मगरमच्छ घुस आया। परिजनों ने जैसे ही घर के भीतर मगरमच्छ को देखा, उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। वन विभाग के प्रशिक्षित कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कराया और आवश्यक सावधानी बरतते हुए मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। इसके बाद उसे किसी प्रकार की क्षति पहुंचाए बिना उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। समय पर की गई कार्रवाई के चलते किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना नहीं हुई।

घटना के दौरान गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। वन विभाग की टीम ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की, जिससे रेस्क्यू अभियान बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सका। ग्रामीणों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय रहते टीम नहीं पहुंचती तो बड़ा हादसा हो सकता था। वन क्षेत्राधिकारी लक्सर महेंद्र गिरी ने बताया कि सूचना मिलते ही वन कर्मी गुरजंट सिंह और भोपाल को तत्काल मौके पर भेजा गया। प्रशिक्षित कर्मचारियों ने पूरी सतर्कता और पेशेवर तरीके से मगरमच्छ का रेस्क्यू किया तथा उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक वास स्थल पर छोड़ दिया। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में नदियों, नालों और जलाशयों से जुड़े क्षेत्रों में मगरमच्छ एवं अन्य वन्यजीव आबादी की ओर आ सकते हैं। ऐसे में यदि कोई वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें और न ही उसके पास जाएं। तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू कर सके और किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

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