उत्तराखंड

विश्व की सबसे महान संस्कृति है सनातन धर्म संस्कृति: श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। आह्वान पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अरूण गिरी महाराज ने निरंजनी अखाड़ा पहुंचकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज से भेंट की। श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने मां मनसा देवी की चुनरी ओढ़ाकर और पगड़ी पहनाकर स्वामी अरूण गिरी महाराज का स्वागत किया ओर कहा कि सनातन धर्म संस्कृति विश्व की सबसे महान संस्कृति है। अखाड़े ओर संत संत महापुरूष सनानत संस्कृति के वाहक है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही सनातन संस्कृति पर अनेक कुठाराघात किए जाते रहे हैं। लेकिन संत महापुरूषों के सानिध्य में सनातन संस्कृति हमेशा अक्षुण्ण रही है। श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि आदि गुरू शंकराचार्य ने सनानत धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन के लिए अखाड़ों का गठन किया था।

शंकराचार्य द्वारा सौंपे गए इस दायित्व का पालन करते हुए अखाड़े समाज को सांस्कृतिक रूप से एकजुट करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्वामी अरूण गिरी महाराज ने श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज का फूलमाला पहनाकर ओर शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया और कहा कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज और महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी महाराज के नेतृत्व में अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाला कुंभ मेला प्रयागराज महाकुंभ की तर्ज पर भव्य ओर दिव्य स्वरूप में संपन्न होगा। स्वामी अरूण गिरी महाराज ने कहा कि कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म का ज्ञान प्रदान करने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।

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