उत्तराखंड

पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है श्राद्ध पक्ष: स्वामी नागेंद्र महाराज

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राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। श्यामपुर कांगड़ी स्थित शिवालय निकेतन के अध्यक्ष स्वामी नागेंद्र महाराज सनातन धर्म में श्राद्ध पक्ष पूर्वजों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और श्रद्धा प्रकट करने का पवित्र और महत्वपूर्ण समय है। स्वामी नागेंद्र महाराज ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार पूर्वजों के प्रति श्रद्धा के साथ व्यक्त किया जाना वाला सम्मान और कृतज्ञता ही श्राद्ध है। पूर्वजों ने हमें जन्म दिया। आज हम जो कुछ भी हैं पूर्वजों की बदौलत ही हैं। हमारे जो पूर्वज संसार छोड़कर देवलोक प्रस्थान कर गए हैं। हम उन्हें ना भूलंे, इसके लिए ऋषि मुनियों द्वारा श्राद्ध की व्यवस्था बनायी गयी है। स्वामी नागेंद्र महाराज ने कहा कि श्राद्ध के 16 दिन पूर्वजों का स्मरण और तर्पण किया जाता है। जिससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है और वे हमें सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में तीन प्रकार के ऋण बताए गए हैं। जिनमें देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण शामिल हैं।

देव ऋण उतारने के लिए पूजा पाठ, ऋषि ऋण उतारने के लिए ज्ञान का अर्जन और उसका वितरण तथा पितृ ऋण से मुक्त होने के लिए पूर्वजों का आदर, उनका श्राद्ध तर्पण आदि नियम बनाए गए हैं। इसलिए श्राद्ध पक्ष में सभी को अपने पूर्वजों का श्राद्ध तर्पण अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। जिससे जीवन में सुख समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

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