उत्तराखंड

प्रमुख गंगा घाट पर भव्य गंगा आरती, भाजपा जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह बने मुख्य यजमान

कलयुग दर्शन (24×7)

दीपक झा (संवाददाता)

रुड़की। प्रमुख गंगा घाट पर प्रतिदिन आयोजित होने वाली मां गंगा की भव्य आरती में शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। मुख्य पुजारी पंडित रोहित वैदिक ने विधि-विधान से मां गंगा का पूजन एवं महाआरती संपन्न कराई। इस अवसर पर पंडित रोहित वैदिक ने मां गंगा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि पतित पावनी मां गंगा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी और पाप-विनाशिनी देवी हैं। गंगाजल को अमृततुल्य एवं अत्यंत पवित्र माना जाता है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा स्नान और गंगा तट पर किए गए धार्मिक अनुष्ठानों से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने राजा भगीरथ की तपस्या और मां गंगा के धरती पर अवतरण की पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर प्रवाहित किया था, जिससे राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को मुक्ति मिली थी।

उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक हिंदू धर्म के अधिकांश संस्कारों में गंगाजल का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार गंगा स्नान के दौरान कम से कम पांच या सात डुबकी लगाते हुए “ॐ गंगे हर” अथवा “हर-हर गंगे” का जाप करना शुभ माना गया है। गंगा आरती में भाजपा के जिला महामंत्री अक्षय प्रताप सिंह मुख्य यजमान के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर राष्ट्र की सुख-समृद्धि, प्रदेश की उन्नति तथा नगरवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर मुख्य पुजारी पंडित रोहित वैदिक ने अक्षय प्रताप सिंह को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में पंडित चंद्रमोहन, पंडित सचिन, पंडित राजकुमार, आचार्य पंडित लवकुश, पंडित केशव सहित अनेक श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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