समाज को सन्मार्ग की प्रेरणा देती है श्रीमद् भागवत कथा: स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती

कलयुग दर्शन (24×7)
दीपक झा (संवाददाता)
हरिद्वार। श्रीगीता विज्ञान आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती ने कहा कि सामाजिक समरसता ही भगवान के अवतार का हेतु है और श्रीमद् भागवत समाज को सन्मार्ग की प्रेरणा देती है। राजा गार्डन स्थित श्रीहनुमान मंदिर सत्संग हॉल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भगवान की रासलीला और माखन लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान स्वयं ऐसे परिवार में अवतरित हुए जहां 10 लाख गाय थीं। भगवान माखन चोरी न कर गोरस की बिक्री पर रोक लगाने के पक्षधर थे और उन्होंने गोकुल का गोरस मथुरा जाने से रोका। जिसे कुछ लोग माखन चोरी की संज्ञा दे रहे हैं।

महारास का वृतांत सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान ने मात्र 6 साल की उम्र में महारास का आयोजन कर स्वर्ग के देवी देवताओं को समरसता बनाने के लिए प्रेरित किया और भगवान भोलेनाथ को भी महारास का दर्शन करने के लिए गोपी रूप धारण करना पड़ा। कथा के विश्राम पर सभी भक्तों ने व्यास पीठ की आरती उतार कर विश्व कल्याण की कामना की।



