कांवड़ियों की सेवा ही भगवान शिव की सच्ची आराधना: श्रीमहंत रविंद्रपुरी

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज के संयोजन में चरण पादुका मंदिर में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर में गंगा जल लेने आए श्रद्धालुओं की सेवा का क्रम निरंतर जारी है। शिविर में श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि मीलों दूर की कठिन पैदल यात्रा करने वाले कांवड़ियों की सेवा भगवान शिव की सच्ची आराधना है। सभी को शिवभक्तों की सेवा में सहयोग अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार भगवान शिव की नगरी है। नीलेश्वर महादेव, दक्ष महादेव, बिल्केश्वर महादेव आदि कई पौराणिक शिवालय हरिद्वार में हैं। नीलेश्वर महादेव से भगवान शिव की बारात उनकी ससुराल राजा दक्ष की नगरी कनखल पहुंची थी।

पूरे सावन भगवान शिव कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान रहकर संसार का पालन करते हैं। भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने बिल्केश्वर महादेव मंदिर में हजारों वर्ष तक कठिन तपस्या की थी। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि वे श्रद्धालु भक्त सौभाग्यशाली हैं। जिन्हें इन पवित्र और पौराणिक शिवालयों में जलाभिषेक और दर्शन का अवसर प्राप्त होता है। इस अवसर पर निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महंत राजगिरी सहित कई संत महंत मौजूद रहे।



