ज्ञान का अथाह भण्डार है श्रीमद्भागवत कथा: स्वामी रविदेव शास्त्री
ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी डा.श्यामसंुदरदास शास्त्री की स्मृति में किया श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन

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राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। रेलवे रोड़ स्थित श्री साधु गरीबदासी धर्मशाला सेवाश्रम ट्रस्ट के परमाध्यक्ष ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर डा.स्वामी श्यामसुंदरदास शास्त्री महाराज की सातवीं पुण्यतिथी के उपलक्ष्य में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ संत महापुरूषों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कथाव्यास स्वामी रविदेव शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान का अथाह भण्डार है। कथा के प्रत्येक सत्संग से अतिरिक्त ज्ञान की प्राप्ति होती है। गंगा तट पर कथा श्रवण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागत कथा कलिकाल की वैतरणी है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को श्रीमद्भावगत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। साथ ही दूसरों को भी कथा श्रवण के लिए प्रेरित करना चाहिए।

स्वामी हरिहरानंद एवं स्वामी दिनेश दास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन और श्रवण दोनों पुण्यदायी कार्य हैं। कथा से प्राप्त ज्ञान से अज्ञान रूपी अंधकार दूर होता है। जीवन में ज्ञान का प्रकाश होता है। ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि कथा के प्रभाव से पितरों को भी मोक्ष मिलता है। गौ गंगाधाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी निर्मल दास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात श्री हरि की वाणी है। जिसके श्रवण से सभी कष्ट दूर होते हैं। परिवार पर सदैव ईश्वरीय कृपा बनी रहती है। स्वामी शिवम महाराज, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी ज्योर्तिमयानंद ने भी श्रद्धालु भक्तों को आशीर्वचन प्रदान किए। मुख्य यजमान रश्मि बेन एवं नवीन चन्द्र भट्ट ने व्यासपीठ का पूजन किया और फूलमाला पहनाकर सभी संत महापुरूषों का स्वागत कर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर संजय वर्मा, पंडित पदम प्रसाद सुवेदी, लोकनाथ सुवेदी, शेखर वर्मा, आश्रम के ट्रस्टी व श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।



